खास बातें
- ममता ने पिछले साल शुरू की गई दूरंतो गाड़ियों का विस्तार करते हुए नौ नई दूरंतो, तीन शताब्दी, दो डबल डेकर एसी और 56 नई ट्रेनों का ऐलान किया।
नई दिल्ली: रेलमंत्री ममता बनर्जी ने पिछले साल शुरू गई दूरंतो गाड़ियों का विस्तार करते हुए नौ नई दूरंतो, तीन शताब्दी, दो डबल डेकर एसी और 56 नई एक्सप्रेस ट्रेनों का ऐलान किया। लोकसभा में रेल बजट पेश करते हुए ममता ने कहा कि इलाहाबाद से मुंबई के बीच सप्ताह में दो बार वातानुकूलित दूरंतो चलाई जाएगी। पुणे से अहमदाबाद, सिकंदराबाद से विशाखापट्टनम, मदुरै से चेन्नई, चेन्नई से तिरुवनंतपुरम, मुंबई से नई दिल्ली और शालीमार से पटना के बीच भी वातानुकूलित दूरंतो गाड़ियां चलाने का उन्होंने प्रस्ताव किया। रेलमंत्री ने सियालदह से पुरी और निजामुद्दीन से अजमेर के बीच गैर-वातानुकूलित दूरंतो ट्रेनें चलाने की भी घोषणा की। दूरंतो ट्रेनें गंतव्य तक नॉन स्टॉप चलती हैं। उन्होंने जयपुर से दिल्ली और अहमदाबाद से मुंबई के बीच एसी डबल डेकर ट्रेनें शुरू करने का भी प्रस्ताव किया, जबकि पुणे-सिकंदराबाद, जयपुर-आगरा और लुधियाना-दिल्ली के बीच तीन नई शताब्दी ट्रेनें चलाने का ऐलान किया। ममता ने कुछ दूरंतो गाड़ियों के फेरों में वृद्धि का जिक्र करते हुए बताया कि मुंबई से हावड़ा के बीच दूरंतो गाड़ी दो की बजाय सप्ताह में चार दिन चलेगी। मुंबई से अहमदाबाद के बीच दूरंतो तीन दिन की बजाय अब सप्ताह में हर दिन चलेगी। सियालदह से नई दिल्ली के बीच दूरंतो गाड़ी अब दो दिन की बजाय पांच दिन चलेगी। नागपुर से मुंबई के बीच दूरंतो गाड़ी तीन दिन की बजाय सप्ताह में हर दिन चलेगी। हावड़ा से यशवंतपुर के बीच दूरंतो ट्रेन चार दिन की बजाय अब सप्ताह में पांच दिन चलेगी।स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन की 150वीं वषर्गांठ के मौके पर ममता ने चार विवेक एक्सप्रेस ट्रेनें और गुरु रवींद्रनाथ टैगोर की 150वीं वषर्गांठ के मौके पर 4 कविगुरु एक्सप्रेस चलाने का ऐलान किया। विवेक एक्सप्रेस ट्रेनें डिब्रूगढ से कन्याकुमारी, द्वारका से तूतीकोरिन, हावड़ा से मंगलौर और बांद्रा से जम्मूतवी के लिए चलेंगी, जबकि कविगुरु एक्सप्रेस हावड़ा से अजीमगंज, गुवाहाटी से जयपुर, हावड़ा से बोलपुर और हावड़ा से पोरबंदर के बीच चलेंगी। ममता ने विभिन्न राज्यों के महत्वपूर्ण शहरों को उनकी राजधानी से जोड़ने वाली 10 राज्यरानी एक्सप्रेस ट्रेनें चलाने की भी घोषणा की। ये ट्रेनें सावंतवाडी रोड से मुंबई, सहरसा से पटना इंटरसिटी, मेरठ से लखनऊ इंटरसिटी, मैसूर से बेंगलुरु, दमोह से भोपाल, सिलघट से धुबडी, बांकुरा से हावड़ा, नीलाम्बुर रोड से तिरुवनंतपुरम, झारसुगुडा से भुवनेश्वर और मनमाड से मुंबई के बीच चलेंगी। रेलमंत्री ने रेल पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों को आगे बढ़ाने का प्रस्ताव करते हुए 4 जन्मभूमि गौरव ट्रेनें चलाने की घोषणा की। ये ट्रेनें हावड़ा से बोलपुर, राजगीर, पटना, वाराणसी, गया से वापस हावड़ा, बेंगलुरु, मैसूर, हासन, हुबली, बीजापुर से वापस बेंगलुरु, मुंबई, अहमदाबाद, भावनगर, गिर, दीव, सोमनाथ, राजकोट से वापस मुंबई तथा चेन्नई, पुडुचेरी, तिरुचिरापल्ली, मदुरै, तिरुवनंतपुरम, एर्णाकुलम से वापस चेन्नई के लिए होंगी। ममता ने कई प्रमुख मार्गों पर 56 नई एक्सप्रेस ट्रेनों के परिचालन का भी प्रस्ताव किया। इनमें रायबरेली से जौनपुर, आसनसोल से गोरखपुर, मुंबई से चंडीगढ़, बीकानेर से दिल्ली, रांची से पुणे, कोलकाता से अजमेर, कोलकाता से आगरा, लखनऊ से भोपाल, जोधपुर से दिल्ली, बांद्रा से उदयपुर, दिल्ली से पुडुचेरी, भागलपुर से अजमेर, हावड़ा से जैसलमेर, वाराणसी से अहमदाबाद की एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल हैं। उन्होंने 13 नई पैसेंजर ट्रेनें, 22 डेमू ट्रेनें, 8 मेमू ट्रेनें शुरू करने की भी घोषणा की। रेलमंत्री ने 33 ट्रेनों का मार्ग का विस्तार किया है, जबकि 17 ट्रेनों के फेरे बढ़ाने का ऐलान किया है। अवकाश, त्यौहारों और मेलों के दौरान यात्रियों की मांग में बढ़ोतरी को पूरा करने के लिए विशेष ट्रेनों के परिचालन की घोषणा की। जिन ट्रेनों के मार्गों का विस्तार किया गया है, उनमें उदयपुर-ग्वालियर एक्सप्रेस को दिल्ली तक, चंडीगढ़-जयपुर गरीब रथ एक्सप्रेस को अजमेर तक, इलाहाबाद-लखनऊ एक्सप्रेस को विंध्याचल तक, इंदौर-अजमेर एक्सप्रेस को जयपुर तक, वलसाड-वडोदरा एक्सप्रेस को दाहोद तक, सुल्तानपुर-अजमेर एक्सप्रेस को अहमदाबाद तक, अजमेर-किशनगंज एक्सप्रेस को न्यू जल्पाईगुड़ी तक, लखनऊ-भोपाल एक्सप्रेस को प्रतापगढ़ तक बढ़ाया गया है। जिन गाड़ियों के फेरों में वृद्धि की गई है। नई दिल्ली-अजमेर शताब्दी एक्सप्रेस को छह दिन से बढ़ाकर सप्ताह में हर दिन, निजामुद्दीन-देहरादून एसी एक्सप्रेस को सप्ताह में छह दिन से बढ़ाकर रोजाना, बेंगलुरु-हुबली जन शताब्दी को छह दिन की बजाय रोजाना, हबीबगंज-जबलपुर जनशताब्दी को छह दिन की बजाय रोजाना, मुंबई-मंगलौर एक्सप्रेस को तीन दिन से बढ़ाकर दैनिक किया गया है। ममता ने बताया कि छुटिटयों, त्यौहारों और कुंभ सहित विभिन्न मेलों के दौरान होने वाली यात्रियों की भीड के मद्देनजर रेलवे ने पूरे वर्ष 40 हजार अतिरिक्त फेरे लगाने की योजना बनाई है। एक साल में 700 किमी नई रेल पटरी बिछाई जाएगी। किराये में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। एसी सीट के लिए बुकिंग चार्ज में 10 रुपये की कटौती कर दी गई है, साधारण सीट के बुकिंग चार्ज में पांच रुपये की कटौती की गई है। 2011 में रेलवे पर्यावरण का खास ख्याल रखेगी। लंबी दूरी की यात्रा के लिए मल्टी पर्पज स्मार्ड कार्ड लॉन्च किए जाएंगे। रेलवे सुपर एसी कैटेगरी की शुरुआत भी करेगी। प्रधानमंत्री रेल विकास परियोजना के तहत संचालित होंगे रेलवे के सभी प्रोजेक्ट। रेलों में बाधा नहीं डालने वाले राज्यों को बजट से इतर दो रेल परियोजनाएं और दो ट्रेनें मिलेंगी। आरपीएफ में 13,000 नई नौकरियां दी जाएंगी। ममता ने अपने भाषण में कहा कि रायबरेली प्लांट से तीन महीने में पहला कोच निकल आएगा। कोच की मांग को पूरा करने के लिए रेलवे विजन 2020 के तहत रेलवे आधारित उद्योगों की स्थापना करेगा। महाराष्ट्र में 700 मेगावॉट का पावर प्लांट लगाया जाएगा। जम्मू में टनल इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट खोला जाएगा। सिंगूर में मेट्रो कोच फैक्टरी लगाई जाएगी और इम्फाल को जल्दी ही रेल सेवा से जोड़ा जाएगा। 'हम आह भी भरते हैं तो हो जाते हैं बदनाम, वो कत्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होती।' यह शेर पढ़कर ममता ने कहा कि रेल कर्मचारियों की छोटी से छोटी गलती खबर बन जाती है, लेकिन उनके अच्छे काम की सराहना नहीं होती। ममता ने कहा कि उन्हें रेल कर्मचारियों पर गर्व है। बस्तर-गढ़चिरौली के बीच रेल लाइन बिछेगी। उन्होंने दावा किया कि पिछले पांच साल में रेल दुर्घटनाओं में कमी आई है। रेल लाइनों के किनारे रहने वाले गरीबों की रिहाइश के लिए आश्रय स्थल बनाए जाएंगे। 17 में से 8 जोन में एंटी कोलिजन डिवाइस लगाए जाएंगे। रेलवे टैक्स फ्री बॉण्ड्स जारी करेगी। अगले साल तक मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग्स खत्म हो जाएंगे।