नई दिल्ली:
केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को निजी व्यापारिक घरानों से यह सीखना चाहिए कि प्रतिस्पर्धी वातावरण में कैसे काम करें।
राज्यसभा में एक अनुपूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए जेटली ने कहा, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को सरकारी विभाग जैसे काम नहीं करना चाहिए और यह जानना चाहिए कि अन्य व्यापारिक घराने किस प्रकार प्रतिस्पर्धी वातावरण में काम करते हैं।
जेटली ने राज्यसभा के सदस्यों को बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र के 79 उपक्रम नुकसान में चल रहे हैं, जिनमें से 49 की हालत बहुत खराब है। उन्होंने कहा, इन उपक्रमों के लिए कुल 1,57,211 करोड़ रुपये के निवेश का प्रावधान किया गया है।