खास बातें
- पटेल ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के प्रदर्शन को सुधारने की जरूरत है क्योंकि इनमें बड़े पैमाने पर जनता का पैसा लगा है।
New Delhi: भारी उद्योग और लोक उपक्रम मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने गुरुवार को कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के प्रदर्शन को सुधारने की जरूरत है क्योंकि इनमें बड़े पैमाने पर जनता का पैसा लगा है। यहां जारी विज्ञप्ति के मुताबिक मंत्रालय ने लाभ कमाने वाली कंपनियों को ज्यादा अधिकार देने तथा बीमार इकाइयों के पुनरुद्धार के लिए बोर्ड फार रिकंस्ट्रक्शन आफ पब्लिक सेक्टर इंटरप्राइजेज :बीआरपीएसई: का गठन किया है। पटेल ने भारी उद्योग और लोक उपक्रम मामलों की संसदीय सलाहकार समिति के समक्ष कहा कि सरकार ने 40 इकाइयों के पुनरूद्धार और दो कंपनियों को बंद करने को मंजूरी दी है। भारी उद्योग विभाग के अंतर्गत आने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की 32 कंपनियों ने 2010-11 में अप्रैल-जनवरी के दौरान संयुक्त रूप से 33,308.15 करोड़ रुपये उत्पादन किया। यह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 20 फीसद अधिक है। चालू वित्त वर्ष के पहले 10 महीने में इन कंपनियों का सकल लाभ :कर पूर्व: 3,450.40 करोड़ रुपये रहा। सदस्यों ने सार्वजनिक कंपनियों में विनिवेश, सेवानिवृत्ति उम्र, वेतन समीक्षा समेत अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की।