यह ख़बर 25 अगस्त, 2013 को प्रकाशित हुई थी

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को 56,000 कर्मचारियों की जरूरत

खास बातें

  • वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने जून में पीएसयू बैंकों के प्रमुखों के साथ बैठक के बाद कहा था, इस साल सार्वजनिक बैंक 10,000 नई शाखाएं खोलेंगे। इसको देखते हुए भर्ती भी होगी। कुल मिलाकर बैंक मौजूदा वित्तवर्ष में 50,000 नियुक्तियां करेंगे।
नई दिल्ली:

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में विभिन्न कैडर के 56,022 कर्मचारियों की कमी है और बैंक इन पदों पर नियुक्तियों के विभिन्न चरणों में है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र के 25 बैंकों में अधिकारी श्रेणी में 23,794 रिक्तियां मार्च, 2013 तक थीं। इनमें से 5,815 रिक्तियां तो बैंक ऑफ बड़ौदा में ही हैं। सिंडिकेट बैंक में अधिकारी स्तर के 1500 पद रिक्त हैं।

इसी तरह, आंध्रा बैंक में अधिकारी स्तर की 1484, बैंक ऑफ इंडिया में 1473, इलाहाबाद बैंक में 1450, पंजाब एंड सिंध बैंक में 1454 तथा पंजाब नेशनल बैंक में अधिकारी स्तर की 1119 रिक्तियां हैं।

सूत्रों ने बताया कि एसबीआई के पांच सहयोगी बैंकों सहित विभिन्न बैंकों में कलर्क स्तर की कम से कम 22,347 रिक्तियां हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा में इस श्रेणी में सबसे अधिक 3,615 रिक्तियां हैं। इसके बाद इलाहाबाद बैंक में 2627, स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर में 2500, पंजाब नेशनल बैंक में लगभग 2200 तथा बैंक ऑफ इंडिया में 1468 रिक्तियां हैं। ये आंकड़े 2012-13 के आखिर तक के हैं। वहीं उपकर्मी या सब स्टाफ स्तर पर सार्वजनिक बैंकों में लगभग 9881 पद रिक्त हैं।

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मौजूदा वित्त वर्ष में सार्वजनिक बैंकों में लगभग 50,000 कर्मचारी रखे जाने हैं। वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने जून में पीएसयू बैंकों के प्रमुखों के साथ बैठक के बाद कहा था, इस साल सार्वजनिक बैंक 10,000 नई शाखाएं खोलेंगे। इसको देखते हुए भर्ती भी होगी। कुल मिलाकर बैंक मौजूदा वित्तवर्ष में 50,000 नियुक्तियां करेंगे।