प्रॉविडेंट फंड (PF) खाताधारक ध्यान दें : ये पांच बातें आपकी जानकारी में होनी चाहिए (प्रतीकात्मक फोटो)
खास बातें
- एंप्लॉयी प्रॉविडेंट खाताधारकों के लिए पांच महत्वपूर्ण जानकारियां लेख में
- ब्याज कितना मिलेगा, 20 साल तक जुड़े रहेंगे तो क्या लाभ होगा, आदि जानें
- साथ ही जानें कि खाते में मौजूद बैलेंस कैसे चेक करें
नई दिल्ली: एंप्लॉयी प्रॉविडेंट फंड (PF)यानी कर्मचारी भविष्य निधि सरकारी और गैर सरकारी नौकरीपेशा लोगों के लिए महत्वपूर्ण जमा खाता है. पेंशन का लाभ अधिकांश नौकरियों में नहीं ही मिलता है और इसलिए रिटायरमेंट के बाद यह किसी भी शख्स के लिए बेहद जरूरी निवेश साबित होता है जिसमें वह नौकरी के वर्षों में कंट्रीब्यूशन करता है. पीएफ में कंट्रीब्यूशन न केवल एंप्लॉयी द्वारा किया जाता है बल्कि एक मद नियोक्ता द्वारा भी जमा करवाया जाता है. ईपीएफ में से 8.33 फीसदी पेंशन में जाता है और बाकी की राशि पीएफ में जाती है. ईपीएफ से पेंशन 58 साल की उम्र से मिलती है. पीएफ का पैसा बीमारी का इलाज, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति पर निकाल सकते हैं.अगर दो महीने से बेरोजगार हैं तो पीएफ से पैसे निकाल सकते हैं. पीएफ खाता खोलने के 5 साल के अंदर पैसे निकालने पर टैक्स लगता है. संभवत: पीएफ से जुड़ी ये जानकारियां आपकी होंगी लेकिन हाल के दिनों में हुए कुछ डेवेलपमेंट हो सकता है आपको न पता हों. आइए एक नज़र डाल लें...
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने अपने लगभग चार करोड़ अंशधारकों के लिये आधार संख्या जमा करने की तारीख बढ़ाकर 30 अप्रैल 2017 कर दी है. इससे पहले ईपीएफओ ने आधार संख्या जमा करने की समयसीमा 31 मार्च 2017 तय की थी.
गुरुवार को ही श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय की ओर से बयान आया है कि 2016-17 के लिए उनकी भविष्य निधि जमा पर 8.65 प्रतिशत का ब्याज मिलेगा. सरकार का यह ऐलान ऐसे समय आया है जब इस तरह की खबरें आ रही थीं कि वित्त मंत्रालय द्वारा श्रम मंत्रालय से ईपीएफ ब्याज दर को आधा प्रतिशत कम करने को कहा जा रहा है.
पीएफ के वे अंशधारक जो 20 साल या इससे अधिक समय तक कंट्रीब्यूट करते रहेंगे, उन्हें रिटायरमेंट के वक्त 50000 रुपये अतिरिक्त रकम (जिसे बोनस भी कह सकते हैं) मिलेगा. एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा इस बाबत जानकारी दिए जाने के बाद कहा गया है कि सिफारिशों को सरकार की अनुमति के बाद लागू कर दिया जाएगा. इसे शुरू में दो वर्ष के लिए प्रायोगिक आधार पर शुरू किया जाएगा और बाद में इसकी समीक्षा की जाएगी.
50 हजार रुपये का लाभ 20 साल से कम समय तक खाताधारक बने रहने पर इस अपवाद के तहत मिलेगा यदि अंशधारक आजीवन अक्षमता (विकलांगता) का शिकार हो गया हो. दरअसल सीबीटी ने अपनी बैठक में कर्मचारी जमा से जुड़ी बीमा योजना (ईडीएलआई) को संशोधित करने की सिफारिश की है. यह भी सिफारिश की गई है कि अंशधारक की मृत्यु हो जाने पर 2.5 लाख रुपये का न्यूनतम सम अश्योर्ड (निश्चित रकम) भी मुहैया करवाया जाए.
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इसमें जमा पैसे को रिटायरमेंट तक न ही निकाला जाए. वैसे आपके पीएफ अकाउंट में कितने पैसे जमा हैं और यह नियमित रूप से जमा हो रहे या नहीं, जैसी तमाम जानकारियों के लिए आपको कोई लंबी चौड़ी कोशिश करने की जरूरत नहीं है. आप भविष्य निधि खाते में कितनी रकम है, यह इंटरनेट पर ईपीएफओ की वेबसाइट पर लॉग इन करके भी कर सकते हैं लेकिन इसके लिए जरूरी है कि आपके पास यूएएन यानी यूनिवर्सल अकाउंट नंबर हो. यह प्रक्रिया स्टेप बाय स्टेप जानने के लिए यहां क्लिक करें.