नई दिल्ली: प्रतिभूति बाजार में आए प्रौद्योगिकी बदलावों को देखते हुए बाजार नियामक सेबी ने शेयर बाजारों से निवेशक सेवा केंद्रों (आईएससी) पर निवेशकों को कुछ न्यूनतम बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने को कहा है. भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने शेयर बाजारों को भेजे गए एक परिपत्र में कहा कि उन्हें मौजूदा सेवा केंद्रों पर तैनात अधिकारियों की जानकारी को अद्यतन करने के साथ यहां पर न्यूनतम बुनियादी सुविधाएं मुहैया करानी चाहिए.
सेबी ने कहा कि शेयर बाजार जरूरत को ध्यान में रखते हुए निवेशक सेवा केंद्रों की संख्या बढ़ाने के बारे में फैसला कर सकता है. इसके अलावा एक या अधिक शेयर बाजार मिलकर भी कोई नया निवेशक केंद्र खोलने का फैसला कर सकते हैं. सेबी का यह निर्देश परिपत्र जारी होने की तारीख से 90 दिनों बाद प्रभावी होगा.
बाजार नियामक ने दिसंबर, 1997 में सभी शेयर बाजारों को निवेशकों के लाभ के लिए कम-से-कम एक निवेशक सेवा केंद्र खोलने के लिए कहा था. यहां पर निवेशकों को परामर्श सेवाएं देने के साथ न्यूनतम बुनियादी सुविधाएं भी देनी होती हैं. इस समय दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता के अलावा अहमदाबाद, हैदराबाद, कानपुर, इंदौर, बेंगलुरु, पुणे, जयपुर, गाजियाबाद, लखनऊ, गुरुग्राम, पटना और वड़ोदरा में भी निवेशक सेवा केंद्र सक्रिय हैं.
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