खास बातें
- रिलायंस इंडस्ट्रीज के केजी-डी6 क्षेत्र स्थित कुओं में बालू या पानी आने से गैस उतपादन अप्रैल-मई में घटकर 2.7 करोड़ घन मीटर प्रतिदिन रह सकता है। अगर ऐसा होता है तो उत्पादन अबतक का सबसे न्यूनतम होगा।
नई दिल्ली: रिलायंस इंडस्ट्रीज के केजी-डी6 क्षेत्र स्थित कुओं में बालू या पानी आने से गैस उतपादन अप्रैल-मई में घटकर 2.7 करोड़ घन मीटर प्रतिदिन रह सकता है। अगर ऐसा होता है तो उत्पादन अबतक का सबसे न्यूनतम होगा।
पेट्रोलियम मंत्रालय के एक अधिकारी ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘रिलायंस इंडस्ट्रीज ने हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय को बताया है कि अगले वित्त वर्ष अप्रैल या मई के आसपास गैस उत्पादन घटकर 2.7 करोड़ घन मीटर प्रतिदिन रह सकता है।’’ फिलहाल यह 3.45 करोड़ घन मीटर चल रहा है।
अगर गैस उत्पादन घटता है तो यह अब तक का सबसे न्यूनतम उत्पादन होगा। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने केजी-डीडब्ल्यूएन-98:3 यानी केजी-डी6 से अप्रैल 2009 में उत्पादन शुरू किया था। केजी-डी6 ब्लाक तथा एमए तेल फील्ड से उत्पादन शुरूआत में 3 करोड़ घन मीटर प्रतिदिन हो गया था और मार्च 2010 में 6.15 करोड़ घन मीटर प्रतिदिन तक पहुंच गया था। इसके बाद कुओं में पानी तथा बालू के प्रवेश से उत्पादन में धीरे-धीरे कमी आने लगी।
फिलहाल डी1 तथा डी3 से उत्पादन करीब 2.75 करोड़ घन मीटर प्रतिदिन तथा एमए से 70 लाख घन मीटर प्रतिदिन हो रहा है।
अधिकारी ने कहा कि 2006 में जिस क्षेत्र विकास योजना को मंजूरी दी गयी थी उसके अनुसार अभी केजी-डी6 फील्ड से 7.039 करोड़ घन मीटर (6.188 करोड़ घन मीटर डी 1 तथा डी 3 तथा 85 लाख करोड़ घन मीटर प्रतिदिन एम ए फील्ड) उत्पादन होना था। इसके तहत अप्रैल 2012 तक सभी 31 कुओं की खुदाई के बाद उत्पादन 8 करोड़ घन मीटर प्रतिदिन तक पहुंचना था।
रिलायंस ने अबतक डी 1 तथ 3 में 22 कुओं की खुदाई की है। लेकिन इसमें से 18 में ही उत्पादन हो रहा है। पुन: इस 18 में से पानी और जल के प्रवेश से 5 में उत्पादन बंद कर दिया गया है।