खास बातें
- शिक्षा और सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को दिए जाने वाले ऋण में बढ़ोतरी के कारण प्राथमिक क्षेत्र के कर्ज में वृद्धि दर्ज की गई है।
Mumbai: प्राथमिक क्षेत्रों को दिए जाने वाले बैंक ऋण में अगस्त के दौरान 17 फीसदी से ज्यादा वृद्धि दर्ज की गई है। शिक्षा और सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को दिए जाने वाले ऋण में बढ़ोतरी के कारण प्राथमिक क्षेत्र के कर्ज में वृद्धि दर्ज की गई है। अगस्त में प्राथमिक क्षेत्रों को 12.41 लाख करोड़ रुपए का ऋण दिया गया, जो पिछले वर्ष के समान महीने की तुलना में 17.3 प्रतिशत अधिक है। पिछले साल अगस्त महीने में 10.58 लाख करोड़ का ऋण दिया गया था। रिजर्व बैंक के ताजा आंकड़ों के मुताबिक जुलाई में प्राथमिक क्षेत्र द्वारा लिए गए कुल ऋण में 16.3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। अगस्त के दौरान बैंकों द्वारा सूक्ष्म व लघु उद्योगों को दिए जाने वाला ऋण 21.1 फीसदी बढ़कर 4.68 लाख करोड़ रुपये का हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 3.87 लाख करोड़ रुपये का था। जुलाई में सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को दिया जाने वाला ऋण सालाना स्तर पर 20.8 फीसद बढ़ा। शिक्षा क्षेत्र को दिया जाने वाला ऋण अगस्त 2011 में 18 फीसदी बढ़कर 46,759 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल अगस्त में यह 39,612 करोड़ रुपये था। अगस्त में निर्यात ऋण 11.8 फीसदी बढ़कर 36,777 करोड़ रुपये का हो गया, जबकि 2010 की समान अवधि में यह 32,892 करोड़ रुपये था। इधर जुलाई, 2011 में निर्यात ऋण में सिर्फ 5.7 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी। अगस्त में आवास क्षेत्र में बैंकों से लिया जाने वाला ऋण 4.8 फीसदी बढ़कर 2.35 लाख करोड़ रुपये का हो गया।