यह ख़बर 03 मई, 2011 को प्रकाशित हुई थी

महंगाई पर नियंत्रण के लिए जरूरी कड़ी नीति : प्रणब

खास बातें

  • प्रणब मुखर्जी ने कहा कि नीतिगत दरों में वृद्धि मुद्रास्फीति पर नियंत्रण के लिए जरूरी थी।
New Delhi:

भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति का समर्थन करते हुए वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने मंगलवार को कहा कि नीतिगत दरों में वृद्धि मुद्रास्फीति पर नियंत्रण के लिए जरूरी थी। मुखर्जी ने केंद्रीय बैंक द्वारा 2011-12 की सालाना मौद्रिक नीति की घोषणा के बाद संवाददाताओं से कहा- यह :दर वृद्धि: मुद्रास्फीति पर नियंत्रण के लिए जरूरी है। अर्थव्यवस्था में मौद्रिक दबाव अब भी बहुत ऊंचा है। महंगाई पर लगाम लगाने के प्रयास के तहत रिजर्व बैंक ने बैंकों के साथ नकदी के अल्पकालिक लेनदेन की दरें, रेपो और रिवर्स रेपो आज आधा आधा आधा प्रतिशत बढ़ा दी, जबकि चालू वित्त वर्ष के लिए आर्थिक वृद्धि का अनुमान घटाकर 8 प्रतिशत कर दिया। आरबीआई ने रेपो दर 6.75 प्रतिशत से बढ़ा कर 7.25 प्रतिशत और रिवर्स रेपो रिवर्स रेपो 5.75 प्रतिशत से बढा कर 6.25 प्रतिशत कर दी है। वित्त मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा चढ़ाव को देखते हुए मुद्रास्फीति पर नियंत्रण के लिए मौद्रिक नीति को कड़ा करना आवश्यक था। उत्तर अफ्रीका तथा पश्चिम एशिया में जारी राजनीतिक घटना्रकम के बीच कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों पर मुखर्जी ने कहा, अनिश्चितता बनी हुई है।


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