खास बातें
- खाद्य मुद्रास्फीति पर वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि केवल कृषि उत्पादन बढ़ाकर ही इस समस्या का दीर्घकालिक समाधान हो सकता है।
नई दिल्ली: लंबे समय से दहाई अंक के करीब बनी खाद्य मुद्रास्फीति पर वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने आज कहा कि केवल कृषि उत्पादन बढ़ाकर ही इस समस्या का दीर्घकालिक समाधान हो सकता है। मुखर्जी ने कहा, कई अन्य देशों की तरह खाद्य सुरक्षा और कीमतों में उतार-चढ़ाव भारत के लिये भी चिंता बनी हुई है। हमारा मानना है कि उपलब्धता की समस्या के साथ-साथ खाद्य वस्तुओं एवं जिसों की उंची कीमत और इसमें उतार-चढ़ाव की समस्या का एकमात्र दीर्घकालिक समाधान कृषि उत्पादन में निरंतर वृद्धि ही हो सकता है। एडीबी-भारत सहयोग के रजत जयंती समारोह में उन्होंने कहा कि सतत विकास को नया अर्थ देने के लिये बौद्धिक तथा नवीन प्रयास की जरूरत है। संवाददाताओं से बातचीत में आर्थिक मामलों के सचिव आर गोपालन ने कहा कि चालू वित्त वर्ष के अंत तक मुद्रास्फीति 7 प्रतिशत के स्तर पर आने का अनुमान है। सकल मुद्रास्फीति सितंबर महीने में 9.72 प्रतिशत रही जो एक वर्ष पूर्व इसी महीने में 8.98 प्रतिशत थी। खाद्य मुद्रास्फीति एक अक्तूबर को समाप्त सप्ताह में मामूली रूप से घटकर 9.32 प्रतिशत रही जो इससे पूर्व सप्ताह में 9.41 प्रतिशत थी।