यह ख़बर 17 सितंबर, 2011 को प्रकाशित हुई थी

'पेट्रोल के दाम घटाने को सरकार ज्यादा कुछ नहीं कर सकती'

खास बातें

  • प्रणब ने दाम नियंत्रित रखने में सरकार की असमर्थता व्यक्त करते हुए कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों को नियंत्रण मुक्त करना पूर्व राजग शासन की देन है।
मुंबई:

पेट्रोल कीमत में वृद्धि को लेकर हो रही आलोचना के बीच वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने इनके दाम नियंत्रित रखने में सरकार की असमर्थता व्यक्त करते हुए कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों को नियंत्रण मुक्त करना पूर्व राजग शासन की देन है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम काफी ऊंचे स्तर पर हैं। पश्चिम क्षेत्र के राज्य सरकारों तथा बैंकों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद उन्होंने कहा, जो हमारी आलोचना कर रहे हैं, उन्हें यह याद रखना चाहिए कि उनके शासनकाल में सभी पेट्रोलियम उत्पादों की कीमत को नियंत्रण मुक्त कर दिया गया था। मुखर्जी ने कहा कि राष्ट्रीय लोकतांत्रित गठबंधन शासन 1998 से 2004 के बीच अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत 24 डॉलर से 36 डॉलर बैरल के बीच थी जो अब बढ़कर 113 डॉलर बैरल पर पहुंच गई है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम में तेजी के मद्देनजर सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने गुरुवार को पेट्रोल कीमत में 3.14 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की।


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