यह ख़बर 06 अगस्त, 2011 को प्रकाशित हुई थी

'संकट के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत'

खास बातें

  • केंद्रीय वित्त मंत्री ने अमेरिकी सरकार की साख रेटिंग को कम किए जाने पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत है।
नई दिल्ली:

केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शनिवार को अमेरिकी सरकार की साख रेटिंग को कम किए जाने पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत है। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा, "कुछ संकट की स्थिति है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। मैं अनावश्यक चिंता नहीं करना चाहता हूं।" देश में सुधार प्रक्रिया के 20 साल पूरा होने के अवसर पर उन्होंने कहा, "हमारा आधार मजबूत है। यह साबित हो चुका है कि हम बाहरी दबाव झेल सकते हैं।" शुक्रवार को शेयर बाजारों में तेज गिरावट हुई। उधर एक शाख रेटिंग एजेंसी ने अमेरिका की रेटिंग को  घटा दी। कार्यक्रम के बाद कारोबारियों ने आईएएनएस से कहा कि अभी तक भारत पर कोई बुरा प्रभाव महसूस नहीं किया गया है। हीरो समूह के पवन मुंजाल ने कहा कि शाख घटाने का सिर्फ अमेरिका पर असर होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका को मुद्रा छापनी पड़ सकती है, जिससे अमेरिका सहित दुनियाभर में महंगाई बढ़ सकती है। अन्य कारोबारियों ने भी उनकी बात का समर्थन किया। जुबिलिएंट ऑर्गेनोसिस के सह-अध्यक्ष हरी भारतीय ने कहा कि भारत अभी भी निवेशकों की पहली पसंद है। उन्होंने कहा कि सरकार को सुधार जारी रखना चाहिए और आधारभूत संरचनाओं की बाधा हटानी चाहिए। अंतरराष्ट्रीय साख रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पुअर्स ने अमेरिकी सरकार की कर्जदाताओं और निवेशकों को वापस भुगतान करने की क्षमता की रेटिंग 'एएए' से घटाकर 'एए+' कर दिया है। इस खबर ने वित्तीय जगत को डगमगा दिया है। सामान्य तौर पर अमेरिकी सरकार के बांड को निवेश के लिए एक सुरक्षित लक्ष्य माना जाता है। दुनियाभर की सरकारों और केंद्रीय बैंकों ने इन बांडों में निवेश किया है। शुक्रवार को मुखर्जी ने शेयर बाजारों में आई गिरावट के कारण निवेशकों में पैदा चिंता को शांत करते हुए कहा था कि गिरावट के पीछे बाहरी कारण जिम्मेदार हैं।


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