खास बातें
- मुझे नहीं मालूम कि हम कहां तक पेट्रोलियम पदार्थों के आयात को नियंत्रित रख सकते हैं।
कांडी: वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने मुद्रास्फीति, बढ़ते चालू खाते के घाटे तथा व्यापार असंतुलन पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा, ये सारे मुद्दे चिंता बढ़ाने वाले हैं। मुद्रास्फीति दबाव तो है ही, गैर-तेल आयात भी बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पूंजीगत सामान, कच्चे माल आदि का आयात बढ़ा है जिससे व्यापार अंतर बढ़ रहा है। साथ ही कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण आयात बिल और बढे़गा। मुझे नहीं मालूम कि हम कहां तक पेट्रोलियम पदार्थों के आयात को नियंत्रित रख सकते हैं।