खास बातें
- वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि विदेशों में भारतीयों के खातों में 462 अरब डॉलर से 1,400 अरब डॉलर की राशि जमा होने का अनुमान है।
नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने मंगलवार को कहा कि विदेशों में भारतीयों के खातों में 462 अरब डॉलर से 1,400 अरब डॉलर की राशि जमा होने का अनुमान है और केंद्र सरकार इस धन को वापस लाने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रही है। वहीं उन्होंने कहा कि फिलहाल इन खाता धारकों के नामों का खुलासा नहीं किया जाएगा। मुखर्जी ने कहा कि जब तक अन्य देशों में कानून संशोधन नहीं हो जाते तब तक हम काले धन की निगरानी के लिए दोहरा कराधान निवारण संधि और सूचना विनिमय समझौते के तहत प्राप्त जानकारियों का खुलासा नहीं कर सकते। एक संवाददाता सम्मेलन में वित्त मंत्री ने कहा, "हम कुछ छुपाना नहीं चाहते लेकिन कुछ कानूनी बंदिशें हैं।" उन्होंने कहा, "हमने गोपनीयता की शर्तों के आधार पर अन्य देशों से सूचनाएं हासिल की है। यदि आज हम गोपनीयता भंग कर देंगे तो कल हमें अन्य देश सूचना नहीं देंगे। वे हम पर उंगली उठाएंगे।" उन्होंने कहा, "मुझे भी खाताधारकों के नाम जानने का अधिकार नहीं है। हमारे आयकर अधिकारी आयकर अधिनियम के तहत कार्य करते हैं।" उन्होंने कहा जब न्यायालय में इन खाताधारकों पर अभियोग शुरू होगा तभी सरकार को इनके नामों का पता चलेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि विदेशों में जमा काले धन की कुल राशि का सही अनुमान लगाने के लिए विशेषज्ञ समूह का गठन किया गया है। यह समूह आगे की कार्रवाई के तरीकों पर भी विचार करेगा। 'समूह को जल्द से जल्द रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।' उन्होंने कहा कि सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर इस मुद्दे को उठाया है और 'टैक्स हैवन' देशों से सूचना संग्रहण के लिए कूटनीतिक प्रयास किए हैं। मुखर्जी ने कहा कि सरकार ने पिछले 18 महीने में 15 हजार करोड़ रुपये के काले धन का पता लगाया है। राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी ने सर्वोच्च न्यायालय में दायर अपनी याचिका में विदेशों में जमा भारतीयों के काले धन की राशि 15 खरब डॉलर होने का अनुमान व्यक्त किया है।