खास बातें
- प्रधानमंत्री ने कहा है कि नई दूरसंचार नीति-2011 में गांव-गांव तक बेहतर और सस्ती दूरसंचार सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया जाएगा।
New Delhi: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि नई दूरसंचार नीति-2011 में गांव-गांव तक बेहतर और सस्ती दूरसंचार सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया जाएगा, ताकि देश के हर नागरकि को दूरसंचार क्रांति का लाभ उठाने का अवसर प्राप्त हो सके। सिंह ने दूरसंचार विभाग और उद्योग मंडल फिक्की द्वारा आयोजित एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन एवं प्रदर्शनी इंडिया टेलीकॉम 2011 का उद्घाटन करते हुए कहा, राष्ट्रीय दूरसंचार नीति-2011 में ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों तक सस्ती और अच्छी दूरसंचार सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष बल होगा। मुझे विश्वास है कि इस नीति से तीव्र आर्थिक वृद्धि के हमारे लक्ष्य के हासिल होने में मदद मिलेगी। तीव्र आर्थिक वृद्धि का लाभ देश के हर नागरिक को मिलता है। प्रधानमंत्री ने ब्राडबैंड कनेक्शन के माध्यम से दी जाने वाली तीव्रगति की इंटरनेट सेवाओं को तीव्र आर्थिक वृद्धि और समावेशी विकास का कारगर हथियार बताते हुए कहा कि सरकार दो साल में हर ग्राम पंचायत को ब्राडबैंड नेटवर्क से जोडने का प्रयास कर रही है और इसके लिए प्रारंभिक 40,000 करोड़ रुपये के निवेश से राष्ट्रीय ऑप्टिक फाइबर नेटवर्क बनाने की योजना है। सिंह ने कहा, हमारी सरकार का प्रयास है कि देश में हर गांव पंचायत ब्राडबैंड से जुड़ जाए। चूंकि गांव पंचायातों की जरूरत को देखते हुए ऊंचे बैंडविड्थ की जरूरत होगी, इसलिए वहां फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क पहुंचाना जरूरी है। प्रधानमंत्री ने कहा, अगले दो साल में यह काम पूरा करने के लिए हाल में हमारी सरकार ने राष्ट्रीय ऑप्टिक फाइबर नेटवर्क (एनओएफएन) योजना मंजूर की है। इसके प्रथमिक चरण की लागत 20,000 करोड आंकी गई है तथा इस नेटवर्क से सेवाओं को निजी ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए निजी क्षेत्र की कंपनियों द्वारा भी इतनी ही राशि के निवेश की जरूरत होगी। इस योजना से गांवों के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि सेवाओं को हासिल करने में बहुत आसानी होने तथा इससे और कई लाभ मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि ब्रांडबैंड का प्रसार आर्थिक वृद्धि में बड़ा सहायक है। इसका प्रसार 10 प्रतिशत बढ़ने से अर्थव्यवस्था में औसतन 1.3 प्रतिशत की वृद्धि होती है। सिंह ने कहा कि भारत आज दुनिया का सबसे तेजी से फैलता दूरसंचार बाजार है। यहां हर महीने 1.8 करोड़ ग्राहक जुड़ रहे हैं। 2000 में जहां 100 में दो व्यक्तियों के पास मोबाइल फोन था, वहां यह अनुपात अब अगस्त, 2011 में बढ़कर 72.1 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने कहा कि देश में टेलीफोन सेवाओं की दरें भी सबसे कम है और यह सब प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करने वाली नीति तथा निजी क्षेत्र के नवप्रवर्तन और उद्यमशीलता का नतीजा है।