प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फाइल तस्वीर
खास बातें
- कारोबार की आसानी के लिहाज से 190 देशों में भारत इस साल 130 वें नंबर पर
- रिपोर्ट का अध्ययन करें, देखें महकमों में कहां बेहतरी की गुंजाइश- पीएम
- पीएम ने महीने भर में रिपोर्ट मांगी है.
नई दिल्ली: भारत में कारोबार करना अब भी काफी मुश्किल है. दुनिया के मानकों के मुताबिक, सवा सौ से ज़्यादा देशों में कारोबार करना भारत के मुक़ाबले आसान है.
मेक इन इंडिया और स्टार्ट अप इंडिया जैसे चमकीले नारों के बावजूद भारत में कारोबार के हालात अब भी बदतर हैं. वर्ल्ड बैंक की ताज़ा रिपोर्ट यही बताती है.
इस रिपोर्ट के मुताबिक...
- कारोबार की आसानी के लिहाज से 190 देशों में भारत इस साल 130 वें नंबर पर है. पिछले साल 131वें पर था.
- लेकिन कारोबार शुरू करना और मुश्किल हो गया है. यहां भारत चार पायदान नीचे गिरकर 155वें नंबर पर चला आया है.
- कंस्ट्रक्शन परमिट के मामले में भारत एक पायदान नीचे आकर 184वें नंबर पर पहुंच गया है.
- हालांकि कान्ट्रेक्ट इनफोर्स करने के मामले में भारत 6 पायदान ऊपर आकर 172वें नंबर पर पहुंचा है.
रिपोर्ट को लेकर प्रधानमंत्री ने मुख्य सचिवों और सभी सचिवों से कहा कि वो इसका अध्ययन करें और देखें कि उनके महकमों में कहां बेहतरी की गुंजाइश है. उन्होंने महीने भर में रिपोर्ट मांगी है. इस रिपोर्ट को लेकर उद्योग जगत की राय बंटी दिख रही है. एसोचैम का कहना है कि सरकार की कोशिशें नाकाफ़ी रही हैं, जबकि सीआईआई के मुताबिक रिपोर्ट पूरे देश की नुमाइंदगी नहीं करती.
एसोचैम के सेक्रेटरी जनरल, डीएस रावत ने कहा, "पिछले ढाई साल में प्राइवेट इन्वेस्टमेंट नहीं के बराबर हुआ है. सरकार ने कोशिश की, लेकिन सफल नहीं रही."
जबकि सीआईआई के सेक्रेटरी जनरल चंद्रजीत बैनर्जी ने कहा कि वो वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट से कुछ हैरान हैं, क्योंकि उसके नतीजे सरकार की कोशिशों से मेल नहीं खाती हैं.
वर्ल्ड बैंक ने भारत में लाल फीताशाही को लेकर बड़े और गंभीर सवाल उठाए हैं. अब ये देखना महत्वपूर्ण होगा कि भारत सरकार इन सवालों से आने वाले दिनों में कैसे निपटती है.