खास बातें
- एयर इंडिया के पायलटों की हड़ताल को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई है। दिल्ली हाई कोर्ट ने हड़ताली पायलटों को काम पर लौटने को कहा था।
New Delhi: एयर इंडिया के पायलटों की हड़ताल को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई है। दिल्ली हाई कोर्ट ने हड़ताली पायलटों को काम पर लौटने को कहा था। हाई कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ पायलट सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं। लगातार छठे दिन भी हड़ताली पायलट अपनी मांग पर अड़े हैं और इससे मुसाफिरों का बुरा हाल है। हड़ताली पायलटों ने वेतन बढ़ाने और कुछ अन्य सुविधाओं को देने की मांग की है। एयर इंडिया के अध्यक्ष अरविंद जाधव ने अपने कर्मचारियों को एक एसएमएस भेजकर हड़ताली पायलटों को बातचीत के लिए मनाने तथा कंपनी को बचाने का प्रयास करने की अपील की। जाधव ने कहा है कि इंडियन कमर्शियल पायलट्स एसोसिएशन ने वेतन बढ़ाने के लिए अवैध रूप से काम रोक हमारे अस्तित्व को संकट में डाल दिया। एसएमएस में कहा गया है, हमारी एयरलाइन को बचाने के लिए, मैं आपसे सहयोग और हमारे पायलटों को बातचीत व काम पर लौटने को मनाने की अपील करता हूं। इस बीच एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने एयर इंडिया को भारी ऋण संकट में बताते हुए कहा है कि कंपनी अपनी सारी आय तो विमान ऋणों पर ब्याज भुगतान, कार्यशील पूंजी, विमान पूंजी तथा ईंधन खर्च में ही खपा देती है। कंपनी का हर दिन का घाटा 26 करोड़ रुपये का है और यहां से यह बिना सरकारी मदद के नहीं निकल सकती। कंपनी की हर दिन की आय 36 करोड़ रु तथा खर्च 62 करोड़ रुपये है।