खास बातें
- शरद पवार ने कहा है कि मनरेगा को कृषि से जोड़ने पर विचार किया जा रहा है और उन्होंने राज्य सरकारों से इस मुद्दे पर सुझाव देने का आग्रह किया है।
जयपुर: केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने कहा है कि मनरेगा को कृषि से जोड़ने पर विचार किया जा रहा है और उन्होंने राज्य सरकारों से इस मुद्दे पर सुझाव देने का आग्रह किया है। पवार ने नवाचारी किसानों के सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि मनरेगा योजना के कारण खेती के काम में लोगों की कमी हो रही है। ऐसे में सरकार फसल उत्पादन को प्रभावित नहीं होने देने के लिए खेती को मनरेगा से जोड़ने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में जब एक अच्छी मनरेगा योजना से लाखों लोगों को लाभ मिल रहा है, तो ऐसे में खेती से जुडे काम को भी मनरेगा के तहत करवाये जाने पर सोचने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मनरेगा को किसानों से जोड़ने से लोगों को काम भी मिलेगा और फसल उत्पादन पर प्रतिकूल असर भी नहीं पड़ेगा। पवार ने राज्य सरकार से इस बारे में अपने सुझाव देने का आग्रह किया, जिससे इसे बेहतर तरीके से लागू किया जा सके। केंद्रीय कृषि मंत्री ने किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलने की जोरदार ढंग से वकालत करते हुए कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलना चाहिए। इससे कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि महंगाई पर काबू पाना और किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाना सरकार का काम है। पवार ने कहा कि किसानों को फसल का उचित मूल्य मिलने पर ही उनकी तरक्की होगी और जीवन स्तर सुधरेगा।