यह ख़बर 22 जनवरी, 2013 को प्रकाशित हुई थी

चिदंबरम ने कहा ‘गार’ का डर हुआ खत्म

खास बातें

  • विदशी निवेशकों को दूरगामी संदेश देते हुए वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि भारत ने गार के 'भूत' को दफना दिया है और बहु ब्रांड खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की अनुमति तथा ईंधन कीमतों में वृद्धि जैसे आर्थिक फैसलों से अब रेटिंग घटने का जो
हांगकांग:

विदशी निवेशकों को दूरगामी संदेश देते हुए वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि भारत ने गार के 'भूत' को दफना दिया है और बहु ब्रांड खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की अनुमति तथा ईंधन कीमतों में वृद्धि जैसे आर्थिक फैसलों से अब रेटिंग घटने का जोखिम नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा सितंबर के बाद से उठाए गए अनेक कदमों से निवेशकों की भारत में रुचि फिर बहाल हो रही है।

इसके साथ ही चिदंबरम ने उम्मीद जताई कि राजकोषीय घाटे को मौजूदा वित्त वर्ष में जीडीपी के 5.3 प्रतिशत तक सीमित रखा जा सकेगा। इसे अगले वित्त वर्ष में 4.8 प्रतिशत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि 5.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है इसके आगे बढ़कर 6-7 प्रतिशत होने की संभावना है।

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चिदंबरम ने कहा, 'इस बात पर वैश्विक सहमति है कि हम गार के हालात से प्रभावी ढंग से निपटे हैं और गार के रूप में उभरे भूत को दबा दिया है।' वह एक निवेशक सम्मेलन के लिए यहां आए थे। उन्होंने कहा कि निवेशकों ने सामान्य कर अपवंचन रोधी कानून (गार) के विवादास्पद प्रावधानों के मुद्दे को उठाया था। गार को चिदंबरम के पूर्ववर्ती ने 2012-13 के बजट में पेश किया था।