नई दिल्ली:
डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर दो महीने के न्यूनतम स्तर 63 पर आ जाने के मद्देनजर वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने आज आश्वस्त किया कि घरेलू मुद्रा स्थिर हो जाएगी।
उन्होंने कहा, रुपये की घटबढ़ शांत हो जाएगी। शुरुआती कारोबार में आज डॉलर के मुकाबले रुपया गिरकर 63.33 पर पहुंच गया, जो 18 सितंबर से अब तक का न्यूनतम स्तर है।
घरेलू मुद्रा में पिछले सप्ताह से गिरावट आने लगी है। तेल कंपनियों को उनकी डॉलर जरूरत का कुछ हिस्सा बाजार से खरीदने की अनुमति दिए जाने के बाद से रुपया अस्थिर हुआ है।
आर्थिक मामलों के सचिव अरविंद मायाराम ने पिछले सप्ताह कहा था कि रुपये में कमजोरी तेल विपणन कंपनियों की बाजार से विदेशी मुद्रा खरीदने के कारण आई। तेल विपणन कंपनियां अपनी 30-40 प्रतिशत मांग बाजार से पूरी कर रही हैं।
सरकारी तेल कंपनियां डॉलर की सबसे बड़ी खरीदार हैं और हर महीने औसतन 75 लाख टन कच्चा तेल खरीदने के लिए 8-8.5 अरब डॉलर की जरूरत होती है।
अगस्त में जब डॉलर के मुकाबले रुपये में काफी उतार-चढ़ाव आने लगा था तब रिजर्व बैंक ने इंडियन ऑयल, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम के लिए उनकी दैनिक विदेशी मुद्रा जरूरतों को पूरा करने के वास्ते विशेष खिड़की सुविधा शुरू की थी।