ओमिक्रॉन से कच्चा तेल बाजार पर नहीं पड़ेगा असर, मामले बढ़ने के बावजूद OPEC और सहयोगी देश बढ़ाएंगे उत्पादन

ओमीक्रोन के तेजी से फैलने के बावजूद यात्रा और ईंधन की मांग बनी रहेगी. सऊदी अरब और रूस की अगुवाई वाले ओपेक+ के 23 सदस्यीय गठजोड़ ने मंगलवार को कहा कि वे फरवरी में प्रतिदिन चार लाख बैरल तेल उत्पादन जोड़ेंगे.

ओमिक्रॉन से कच्चा तेल बाजार पर नहीं पड़ेगा असर, मामले बढ़ने के बावजूद OPEC और सहयोगी देश बढ़ाएंगे उत्पादन

फ्रैंकफर्ट:

ओपेक और संबद्ध तेल उत्पादक देशों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए कच्चे तेल का उत्प़ादन बढ़ाने का फैसला किया है. इन देशों का मानना है कि कोरोना वायरस महामारी के नए स्वरूप ओमीक्रोन के तेजी से फैलने के बावजूद यात्रा और ईंधन की मांग बनी रहेगी. सऊदी अरब और रूस की अगुवाई वाले ओपेक+ के 23 सदस्यीय गठजोड़ ने मंगलवार को कहा कि वे फरवरी में प्रतिदिन चार लाख बैरल तेल उत्पादन जोड़ेंगे. समूह ने महामारी की वजह से उत्पादन में की गई कटौती को धीरे-धीरे वापस लेने का फैसला किया है.

नवंबर, 2021 में ओमीक्रोन के अधिक तेजी से संक्रमण वाले स्वरूप ओमीक्रोन का पहला मामला सामने आने के कच्चे तेल के दाम नीचे आ गए और इनसे जुड़ी कंपनियों के शेयर टूट गए थे. हालांकि, उसके बाद कीमतों में सुधार हुआ है.

विश्लेषकों ने कहा कि वाहन यातायात और हवाई गतिविधियों से संकेत मिलता है कि ओमीक्रोन बेशक चर्चा में रहेगा लेकिन इससे ईंधन की मांग पर बहुत अधिक असर नहीं पड़ेगा.

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com


अगर कच्चे तेल की कीमतों की बात करें तो आखिरी कारोबारी सत्र में वैश्विक मानक माने जाने वाले ब्रेंट क्रूड का दाम 0.32 प्रतिशत बढ़कर 79.23 डॉलर प्रति बैरल हो गया. वहीं, वैश्विक स्तर पर, न्यूयॉर्क में वेस्ट टैक्सास इंटरमीडिएट कच्चे तेल का दाम 0.33 प्रतिशत की तेजी के साथ 76.33 डॉलर प्रति बैरल हो गया.



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)