खास बातें
- ईंधन-बिजली क्षेत्र की बड़ी कंपनियों की सूची में ओएनजीसी 21वें और निजी क्षेत्र की रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड 24वें स्थान पर रही हैं।
नई दिल्ली: ईंधन और बिजली क्षेत्र की बड़ी कंपनियों की सूची में भारत की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) 21वें और निजी क्षेत्र की रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड 24वें स्थान पर रही हैं। केयर्न इंडिया को तेल एवं गैस क्षेत्र की दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती कंपनी है। खनिज ईंधन और बिजली क्षेत्र पर निगाह रखने वाली अंतरराष्ट्रीय फर्म प्लेट्स के अनुसार दुनिया की 250 कंपनियों की सूची में ओएनजीसी 21वें जबकि रिलायंस इंडस्ट्रीज को 24वां स्थान मिला है। पिछले वर्ष यह कंपनियां क्रमश 18वें और 13वें स्थान पर थीं। इंडियन ऑयल इस वर्ष 36 पायदान चढ़कर 42वें स्थान पर आ गयी जबकि कोल इंडिया लिमिटेड को 51वें स्थान पर रखा गया है। बिजली बनाने वाली कंपनी एनटीपीसी 52वें स्थान से खिसककर 58वें स्थान पर पहुंच गई। गेल इंडिया को 109वां, एचपीसीएल को 142वां तथा बीपीसीएल को 143वां स्थान प्राप्त हुआ है। प्लेट्स की ऊर्जा क्षेत्र की सूची में टाटा पावर (190) पावरग्रिड कापरेरेशन ऑफ इंडिया (201) और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर को 232वां स्थान मिला है। प्लेट्स ने केयर्न इंडिया को वर्ष 2010 में तेल खोज एवं उत्पादन क्षेत्र की सबसे तेजी से बढ़ती कंपनी बताया है। उसने कंपनी की तीन साल की समेकित वृद्धि दर 116.5 प्रतिशत बताई है। प्लेट्स कंपनियों की वित्तीय स्थिति के आधार पर यह सूची जारी करती है। इसमें केयर्न इंडिया पहली बार रखा गया है और उसे 120वें स्थान दिया गया है। अमेरिका की एक्सोन मोबिल कापरेरेशन सूची में सबसे उपर रही है। वर्ष 2011 के लिये जारी इस सूची में प्लेट्स ने कंपनियों के 2010 के वित्तीय परिणामों के आधार पर उन्हें स्थान दिया है। शेव्रोन कापरेरेशन दूसरे, रुस की गेजप्रोन ओएओ तीसरे, पेट्रोचाइना कं लि चौथे, फ्रांस की टोटल एसए पांचवें, रॉयल डच कंपनी शेल छठे और चाइना पेट्रोलियम कापरेरेशन एण्ड केमिकल्स कापरेरेशन आठवें स्थान पर रही। शीर्ष दस कंपनियों में से ब्रिटेन की बीपी पीएलसी को सबसे बड़ा झटका लगा है। कंपनी दूसरे स्थान से लुढककर सीधे 118वें स्थान पर पहुंच गई। मैक्सिको की खाड़ी में हुये तेल रिसाव से कंपनी को हुये नुकसान की वजह से उसकी यह दुगर्ति हुई।