यह ख़बर 30 मार्च, 2012 को प्रकाशित हुई थी

चीन ने कहा, ब्रिक्स बैंक में ‘दबंगई’ का उसका इरादा नहीं

खास बातें

  • चीन ने इस आशंका को दूर किया है कि वह पांच प्रमुख उभरते देशों के समूह द्वारा प्रस्तावित ब्रिक्स बैंक में अपनी आर्थिक ताकत का इस्तेमाल कर समूह में अपना वर्चस्व बनाना चाहेगा।
नई दिल्ली:

चीन ने इस आशंका को दूर किया है कि वह पांच प्रमुख उभरते देशों के समूह द्वारा प्रस्तावित ब्रिक्स बैंक में अपनी आर्थिक ताकत का इस्तेमाल कर समूह में अपना वर्चस्व बनाना चाहेगा।

चीन के विदेश विभाग के प्रवक्ता हांग लेई ने आज यहां संवाददाताओं से कहा कि उनका देश ऐसा सार्थक प्रयास करने के पक्ष में जिससे समूह के पांचों देशों- ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्राका का भला हो। उन्होंने कहा कि कल दिल्ली में सम्पन्न हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में ब्रिक्स बैंक बनाने के प्रस्ताव पर विचार किया गया। इसका मकसद विकासशील देशों में बुनियादी सुविधा और संपुष्ट विकास की परियोजनाओं में मदद के लिए आपस में संसाधनों को जुटाना है।

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ब्रिक्स के नेताओं ने अपने वित्त मंत्रियों को ऐसे बैंक की संभावना का पता लगाने को कहा है।