यह ख़बर 28 जून, 2013 को प्रकाशित हुई थी

‘अंग्रेजी न आने से हमारे बैंक 2008 के संकट से बच गए’ : जापानी वित्तमंत्री

खास बातें

  • जापान के बैंक 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट से इसलिए बच सके, क्योंकि ज्यादातर वरिष्ठ बैंककर्मी अच्छी अंग्रेजी नहीं बोल पाते हैं। जापान के वित्तमंत्री तारो असो ने शुक्रवार को यह बात कही।
तोक्यो:

जापान के बैंक 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट से इसलिए बच सके, क्योंकि ज्यादातर वरिष्ठ बैंककर्मी अच्छी अंग्रेजी नहीं बोल पाते हैं। जापान के वित्तमंत्री तारो असो ने शुक्रवार को यह बात कही।

असो जापान के उपप्रधानमंत्री भी हैं। उन्होंने कहा कि जापान के बैंक जटिल वित्तीय उत्पादों के बारे में समझ नहीं पाए थे। वैश्विक वित्तीय संकट के समय दुनियाभर के ज्यादातर बैंक इसी तरह के उत्पादों की वजह से संकट में फंसे थे।

असो ने तोक्यो में एक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘बहुत से लोग संदिग्ध उत्पादों या सबप्राइम ऋण के झांसे में आ गए। यूरोपीय बैंकों की तुलना में जापान के बैंक इन उत्पादों की ओर अधिक आकर्षित नहीं हुए थे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘(उस समय) एक अमेरिकी ने कहा था कि जापानी बैंक मजबूत हैं, लेकिन यह पूरी सच्चाई नहीं थी।’’ जापानी वित्त मंत्री असो ने कहा, ‘‘वास्तविकता यह है कि जापान के बैंकों के प्रबंधकों को अंग्रेजी बहुत कम आती है। इसीलिए उन्होंने वे (उन जाखिम भरे उत्पादों) को खरीदने के चक्कर में नहीं फंसे।’’

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असो का आज का यह बयान भी उनके एक पिछले बयान की तरह ही विवाद खड़ा कर सकता है। उन्होंने जनवरी में उन्होंने कहा था कि बुजुर्गों को ‘जल्दी करने और मरने’ दिया जाना चाहिए ताकि महंगी चिकित्सा पर सरकार का व्यय कुछ कम हो सके।