खास बातें
- नागर विमानन मंत्री अजित सिंह ने कहा कि सरकार किंगफिशर एयरलाइन्स को राहत पैकेज नहीं देगी और इसे संकट से बाहर निकालने की जिम्मेदारी कंपनी के प्रवर्तक विजय माल्या की है।
नई दिल्ली: नागर विमानन मंत्री अजित सिंह ने बुधवार को कहा कि सरकार किंगफिशर एयरलाइन्स को राहत पैकेज नहीं देगी और इसे संकट से बाहर निकालने की जिम्मेदारी कंपनी के प्रवर्तक विजय माल्या की है।
सिंह ने कहा ‘सरकार निजी कंपनियों को राहत पैकेज नहीं दे सकती और न ही देगी लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि हम यह चाहते हैं कि विमानन कंपनी बंद हो जाए।’ उन्होंने कहा कि किंगफिशर के प्रवर्तक विजय माल्या की जिम्मेदारी है कि धन जुटाएं और वित्तीय संकट से विमानन कंपनी को बाहर निकालें।
सिंह ने यह भी कहा कि नागर विमानन महानिदेशालय दो-एक दिन में किंगफिशर पर रपट सौंपेगी। इस बीच, नागर विमानन महानिदेशालय ने कहा कि किंगफिशर एयरलाइन्स पिछले महीने नियामक को सौंपी गई अपनी सुधार योजना पर टिकी नहीं रही और जनता व सरकार के सामने गंभीर स्थिति है।
सिंह की टिप्पणी वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी के कल संसद में दिए गए बयान के अनुरूप है जिसमें उन्होंने कहा था कि एसीबीआई की किंगफिशर को अतिरिक्त रिण देने की कोई योजना नहीं है।
मुखर्जी ने कहा था ‘एसबीआई ने सूचित किया था कि फिलहाल किंगफिशर एयरलाइन्स को अतिरिक्त रिण देने की कोई योजना नहीं है।’ माल्या ने संवाददाताओं से कहा था कि कंपनी के सामने गंभीर मुश्किल है क्योंकि इसके खाते सील कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा था, ‘हम सरकार से राहत पैकेज नहीं मांग रहे लेकिन बैंकिंग क्षेत्र से मदद की उम्मीद है कि वे हमारे खातों पर से रोक हटा देंगे।’