खास बातें
- प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पास कोयला मंत्रालय रहते कोयला खदान के आवंटन में अनियमितताओं के टीम अन्ना के आरोपों को खारिज करते हुए सरकार ने कहा उसे कैग की किसी भी ऐसी रिपोर्ट की जानकारी नहीं है जिसके आधार पर ये आरोप लगाए गए हैं।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पास कोयला मंत्रालय रहते कोयला खदान के आवंटन में अनियमितताओं के टीम अन्ना के आरोपों को खारिज करते हुए सरकार ने बुधवार को कहा उसे कैग की किसी भी ऐसी रिपोर्ट की जानकारी नहीं है जिसके आधार पर ये आरोप लगाए गए हैं।
कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने कहा कि कोयला खदानों का आवंटन राज्य के परामर्श से पारदर्शी तरीके से किया गया था। कल प्रधानमंत्री ने कहा था कि अगर उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप साबित हो जाते हैं तो वह सार्वजनिक जीवन त्याग देंगे।
जायसवाल ने प्रधानमंत्री के खिलाफ टीम अन्ना के आरोपों को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार को कोयला खदानों के आवंटन पर कैग की किसी ऐसी रिपोर्ट की जानकारी नहीं है जिसके आधार पर ये आरोप लगाए गए हैं और करीब 1.8 लाख करोड़ रुपये के नुकसान का आरोप ‘निराधार’ है।
उन्होंने कहा कि 1993 और 2009 के बीच आवंटन राज्य सरकारों के साथ परामर्श कर पारदर्शी तरीके से किए गए जिससे बिजली क्षेत्र के विकास में मदद मिली।
उन्होंने कहा कि कोयला खदानों के आवंटन की प्रक्रिया में राज्यों से मुख्य सचिव स्तर के अधिकारियों ने हिस्सा लिया था और ‘‘राज्यसभा में विधेयक पारित होने के बाद एक भी खदान आवंटित नहीं किया गया।’’ जायसवाल ने कहा कि अगर संप्रग सरकार ने निजी क्षेत्र को कोयला खदानों का आवंटन नहीं किया होता तो आम आदमी कैग द्वारा आंके गए नुकसान से दोगुना नुकसान झेल रहा होता।