वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण.
गांधीनगर: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को शहरों में बुनियादी ढांचे के सतत विकास को बढ़ावा देने, निजी निवेश को आकर्षित करने और वित्तपोषण के अंतर को कम करने की जरूरत पर जोर दिया. वित्त मंत्री ने 'जी20 अवसंरचना निवेश संवाद' को संबोधित करते हुए कहा कि प्रमुख बाजारों में मौद्रिक नीति सख्त होने के कारण बुनियादी ढांचे के वित्तपोषण के संबंध में हालात और भी चुनौतीपूर्ण हो गए हैं.
सख्त मौद्रिक नीति के कारण ब्याज दरें बढ़ जाती हैं और कर्ज चुकाने का बोझ बढ़ जाता है. उन्होंने कहा, ''शहरों के लिए नए वित्तपोषण और वित्त पोषण प्रणाली में इस अंतर को पूरा करने की महत्वपूर्ण क्षमता हो सकती है.''
उन्होंने कहा, ''यह बहुपक्षीय विकास बैंकों (एमडीबी) द्वारा दिए जाने वाले सार्वजनिक निवेश और वित्तपोषण के अतिरिक्त बुनियादी ढांचे के लिए धन उपलब्ध करा सकता है.''
सीतारमण ने कहा, ''हमें इस संदर्भ में निजी क्षेत्र की भागीदारी का लाभ उठाने के लिए वैकल्पिक समाधान की जरूरत है.''
मंत्री ने उचित नीति और नियामक ढांचे के जरिए शहरी स्थानीय निकायों की साख में सुधार के लिए एक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की बात भी कही.