यह ख़बर 04 नवंबर, 2012 को प्रकाशित हुई थी

केजी-डी6 का खर्चे पर कैग से अंकेक्षण कराने का विरोध नहीं किया : आरआईएल

खास बातें

  • रिलायंस इंडस्ट्रीज ने शनिवार को कहा कि उसने केजी डी-6 गैस फील्ड पर कंपनी के खर्चों का कैग से अंकेक्षण कराने के सरकार के अधिकार का कभी भी विरोध नहीं किया।
नई दिल्ली:

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने शनिवार को कहा कि उसने केजी डी-6 गैस फील्ड पर कंपनी के खर्चों का कैग से अंकेक्षण कराने के सरकार के अधिकार का कभी भी विरोध नहीं किया।

लेकिन कंपनी को उम्मीद है कि यह अंकेक्षण ‘कार्य निष्पादन का अंकेक्षण’ नहीं होगा। कंपनी ने जारी एक बयान में कहा, ‘आरआईएल ने कैग सहित किसी भी एजेंसी से अंकेक्षण कराने के सरकार के अधिकार का कभी भी विरोध नहीं किया जैसा कि पीएससी की लेखांकन प्रक्रिया की धारा 1.9 में दिया गया है।’

कंपनी ने यह उल्लेख करते हुए कि वह एक निजी ऑपरेटर है और उत्पादन बंटवारा अनुबंध के तहत काम कर रही है। कंपनी का कहना है, ‘कंपनी कैग की रिपोर्ट में दिए गए इस बयान की सराहना करती है कि वह निजी कंपनियों के निष्पादन का अंकेक्षण नहीं करता।’

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आरआईएल को उम्मीद है कि इस ऑडिट में कैग सरकार पर लागू कार्य निष्पादन के ऑडिट के तरीकों का प्रयोग नहीं करेगा। कंपनी ने कहा कि उसे अपनी तकनीकी क्षमताओं पर पूरा भरोसा है और वह तेल एवं गैस क्षेत्र में गहरे जल में परिचालन की जटिलताओं की आवश्यक समझ रखने वाले विशेषज्ञों की ओर से उस पर की गई टिप्पणियों का स्वागत करेगी। आरआईएल ने कहा है कि उसने सरकार द्वारा बिठाए गए किसी भी अंकेक्षक के साथ बराबर सहयोग किया है।