खास बातें
- मुकेश अंबानी ने सरकार से निर्णय लेने की प्रक्रिया को तेज करने और राजनीतिक अनिश्चितता की वजह से पैदा हुई नीतिगत खामियों को दूर करने को कहा।
मुंबई: देश के प्रमुख उद्योगपति मुकेश अंबानी ने आर्थिक वृद्धि में निजी क्षेत्र के योगदान की सराहना करते हुए सरकार से निर्णय लेने की प्रक्रिया को तेज करने और राजनीतिक अनिश्चितता की वजह से पैदा हुई नीतिगत खामियों को दूर करने को कहा है। इसके साथ ही उन्होंने सरकार और निजी क्षेत्र के बीच भागीदारी में संचालन के मॉडल में भारी बदलाव की वकालत करते हुए कहा कि इससे दोनों एक दूसरे को ज्यादा मूल्य दे पाएंगे और अंत में इसका फायदा समाज को मिलेगा। विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के भारतीय चैप्टर के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए अंबानी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों दोनों को अपनी रफ्तार बढ़ाने की जरूरत है। निर्णय लेने की प्रक्रिया को तेज किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि निजी उद्योग देश की आर्थिक वृद्धि को सुगम बनाने के बाद इसका प्रमुख ड्राइवर बन चुका है। अंबानी ने कहा, कुछ असंतुलन है। हम सभी एक ही दिशा में जा रहे हैं। कई बार आप अमेरिका और यूरोप की तरह से लोकतंत्र का मूल्य देखते हैं। पर हम यह नहीं कह सकते कि वहां लोकतंत्र है इसलिए हम असहाय हैं। उन्होंने कहा, यह बात मुझे चिंतित करती है कि विपक्ष है इसलिए हम कुछ नहीं कर सकते।