खास बातें
- मारुति सुजुकी इंडिया का 31 दिसंबर को खत्म हुए तीसरी तिमाही का मुनाफा एक साल पहले इसी अवधि की तुलना में 17.80 प्रतिशत गिर गया।
New Delhi: देश की सबसे बड़े कार विनिर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया का 31 दिसंबर को खत्म हुए तीसरी तिमाही का मुनाफा एक साल पहले इसी अवधि की तुलना में 17.80 प्रतिशत गिर गया। आलोच्य अवधि में कंपनी को 565.17 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ है। वर्ष 2009-10 की दिसंबर की तिमाही में मारुति सुजुकी का शुद्ध लाभ 687.53 करोड़ रुपये था। कंपनी के अनुसार लाभ में गिरावट की मुख्य वजह यह रही है कि इस दौरान लागत में बढ़ोतरी और विदेशी मुद्रा विनिमय दर में प्रतिकूल परिवर्तन के साथ-साथ कंपनी को रॉयल्टी का अधिक भुगतान करना पड़ा है। हालांकि आलोच्य तिमाही के दौरान कंपनी की कुल बिक्री गत एक साल पहले की इसी अवधि के 7,333.77 करोड़ रुपये के मुकाबले 26.49 प्रतिशत बढ़कर 9,276.73 करोड़ रुपये रही। कंपनी ने कहा, एक साल पहले की अवधि के मुकाबले तीसरी तिमाही में विपरीत विदेशी विनिमय दर और ऊंची रॉयल्टी की वजह से मुनाफे में कमी आई है। बयान के अनुसार कच्चे माल के दामों में बढ़ोतरी से भी मुनाफे में कमी आई है। आलोच्य तिमाही के दौरान कंपनी की कुल वाहन बिक्री एक साल पहले की इसी अवधि के 2,58,026 वाहनों के मुकाबले 28.16 प्रतिशत बढ़कर 3,30,687 वाहन हो गई। घरेलू बिक्री में 36.83 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 2,18,910 वाहन से बढ़कर 2,99,527 वाहन हो गई। इस दौरान आल्टो, वैगन आर और स्वीफ्ट की बिक्री में सबसे ज्यादा तेजी दर्ज की गई। नवंबर, 2010 में घरेलू बाजार में कंपनी ने 1,02,503 वाहनें बेचीं। इस दौरान निर्यात में 20.34 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह पिछले वित्तवर्ष की इसी अवधि के 39,116 वाहन से घटकर 31,160 वाहन रह गई।