यह ख़बर 04 जून, 2011 को प्रकाशित हुई थी

लिवाली के कारण मिडकैप में 2.5 फीसदी की तेजी

खास बातें

  • सप्ताह के दौरान बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में क्रमश: 2.46 फीसदी और 1.59 फीसदी की तेजी देखी गई।
मुम्बई:

शुक्रवार को समाप्त कारोबारी सप्ताह में जहां प्रमुख सूचकांकों में मामूली बढ़त देखी गई वहीं विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा काफी अच्छी लिवाली के कारण बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में अधिक प्रगति देखी गई। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स इस सप्ताह 110.38 अंकों या 0.6 फीसदी की वृद्धि के साथ शुक्रवार को 18,376.48 पर बंद हुआ। पिछले शुक्रवार को सेंसेक्स 18,266.10 पर बंद हुआ था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी साप्ताहिक कारोबार में 0.74 फीसदी तेजी के साथ 5,516.75 पर बंद हुआ। पिछले शुक्रवार को यह 5,476.10 पर बंद हुआ था। इस दौरान बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में क्रमश: 2.46 फीसदी और 1.59 फीसदी की तेजी देखी गई। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड के मुताबिक इस सप्ताह विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 54.968 करोड़ डॉलर की लिवाली की। इस दौरान देश की आर्थिक विकास दर और विभिन्न कारोबारी क्षेत्रों में विकास दर के अपेक्षा से कम रहने का शेयर बाजार पर नकारात्मक असर देखा गया। ताजा आंकड़ों के मुताबिक चौथी तिमाही में वित्तीय सेवाओं और औद्योगिक क्षेत्र में बेहतर परिणाम नहीं मिलने के कारण देश की आर्थिक विकास दर 2010-11 में 8.5 फीसदी रही, जो पहले के अनुमान से 10 आधार अंक कम है। छह आधारभूत उद्योगों का विकास अप्रैल माह में 5.2 फीसदी की धीमी रफ्तार से हुआ, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में कम है। सेंसेक्स में साप्ताहिक कारोबार में वृद्धि दर्ज करने वाले शेयरों में प्रमुख रहे रिलायंस कम्युनिकेशंस (15.7 फीसदी), डीएलएफ (7.2 फीसदी), जयप्रकाश एसोसिएट्स (6.1 फीसदी) और एसबीआई (5.1 फीसदी)। सेंसेक्स में इस दौरान सर्वाधिक गिरावट वाले शेयरों में रहे टाटा मोटर्स (13.5 फीसदी), महिंद्रा एंड महिंद्रा (3.00 फीसदी), भेल (1.2 फीसदी) और टाटा स्टील (0.6 फीसदी)। इस दौरान एशियाई, यूरोपीय और अमेरिकी बाजारों में गिरावट का रुख देखा गया।


Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com