यह ख़बर 03 अक्टूबर, 2011 को प्रकाशित हुई थी

यूरो संकट के चलते 302 अंक लुढ़का सेंसेक्स

खास बातें

  • यूरो क्षेत्र के ऋण संकट की वजह से वैश्विक स्तर पर कमजोर बाजार रुख से यहां भी धारणा प्रभावित हुई।
मुंबई:

आर्थिक वृद्धि और कंपनियों की आमदनी घटने की चिंता में बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 302 अंक लुढ़ककर 16,151.45 अंक पर आ गया। यूरो क्षेत्र के ऋण संकट की वजह से वैश्विक स्तर पर कमजोर बाजार रुख से यहां भी धारणा प्रभावित हुई। रीयल्टी, बैंकिंग और पूंजीगत वस्तुओं के शेयर भारी बिकवाली के दबाव में नीचे आ गए। सभी 13 वर्गों के सूचकांक हानि के साथ बंद हुए। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 22 के शेयर गिरावट के रुख के साथ बंद हुए। इसी के अनुरूप, नेशनल स्टॉक एक्चेंज का निफ्टी 93.75 अंक या 1.90 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,849.50 अंक पर आ गया। यूनान ने कहा है कि वह अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष और यूरोपीय संघ द्वारा तय घाटे के लक्ष्य को पाने में सफल नहीं हो पाएगा। विश्लेषकों ने कहा कि इससे वैश्विक स्तर पर निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई। ऐसी आशंका प्रबल हुई है कि यूरो क्षेत्र का ऋण संकट और फैल सकता है। सेंसेक्स की शीर्ष पांच कंपनियों में बिकवाली के जोर से भारी गिरावट आई। रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 2.49 प्रतिशत, इन्फोसिस 2.27 प्रतिशत, आईसीआईसीआई बैंक 4.12 प्रतिशत, लार्सन एंड टुब्रो 2.94 प्रतिशत और आईटीसी 1.54 फीसद नीचे आ गया। इन कंपनियों का सेंसेक्स की गिरावट में 180 अंक का योगदान रहा। पिछले कारोबारी सत्र के बंद स्तर की तुलना में सेंसेक्स करीब 200 अंक नीचे खुला था। बाद में यह और लुढ़कर 302.31 या 1.84 प्रतिशत की गिरावट के साथ 16,151.45 अंक पर आ गया।


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