खास बातें
- प्रधानमंत्री ने ऐसा माहौल बनाने की जरूरत पर जोर दिया है, जिससे देश में निवेश आकर्षित किया जा सके। साथ ही उन्होंने कानूनी प्रक्रियाओं के लिए उचित तथा प्रभावी नियामकीय संस्थानों की स्थापना पर भी बल दिया।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने एक ऐसा माहौल बनाने की जरूरत पर जोर दिया है, जिससे देश में निवेश आकर्षित किया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने कानूनी प्रक्रियाओं के लिए उचित तथा प्रभावी नियामकीय संस्थानों की स्थापना पर भी बल दिया।
मनमोहन सिंह ने 'एशिया में आर्थिक वृद्धि तथा कॉरपोरेट वातावरण में बदलाव' विषय पर एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार कंपनी कानूनों में अंतरराष्ट्रीय मानकों को लाने का तेजी से प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि संसद में जल्द ही नया कंपनी विधेयक पेश किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा, हमें निश्चित रूप से ऐसा वातावरण बनाने की जरूरत है, जिससे निवेश आकर्षित किया जा सके। इसके साथ ही नवप्रवर्तन को पुरस्कृत करने, उचित तथा प्रभावी नियामकीय संस्थानों के साथ कानूनी प्रक्रियाओं को स्थापित करने की जरूरत है। इनमें सबसे अधिक हमें राजकाज के संचालन में ईमानदारी, पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने की जरूरत है।
इस सदी के कायापलट करने के बदलावों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार कई वाणिज्यिक तथा कंपनी कानूनों की समीक्षा कर रही है, जिससे उन्हें आगे आने वाली चुनौतियों के अनुरूप बनाया जा सके। खासकर हमारे समाज के पिछड़े तबकों के सशक्तीकरण के लिए यह जरूरी है।
उन्होंने कहा, समावेशी शब्द का लगातार बढ़ता इस्तेमाल आर्थिक और सामाजिक प्रक्रिया में इस नए प्रभाव का संकेतक है। सिंह ने कहा कि प्रतिभूति बाजार के नियमन, प्रतिस्पर्धा तथा सीमित देनदारी भागीदारी के क्षेत्रों में नए कानून बनाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि नया कंपनी कानून जल्द संसद में पेश किया जाएगा। इस मौके पर कोरिया के प्रतिनिधि, देश के मुख्य न्यायाधीश एसएच कपाड़िया, नामित मुख्य न्यायाधीश अल्तमस कबीर और कानून मंत्री सलमान खुर्शीद भी मौजूद थे।