खास बातें
- फिर से मंदी आने की भविष्यवाणी ने दुनियाभर के बाजारों में उथल−पुथल मचा दी है। अमेरिका और यूरोप के शेयर बाज़ार लुढ़क गए।
वाशिंगटन: फिर से मंदी आने की भविष्यवाणी ने दुनियाभर के बाजारों में उथल−पुथल मचा दी है। अमेरिका और यूरोप के शेयर बाज़ार लुढ़क गए। तेल की कीमतें भी इस चिंता में गिर गई हैं कि मंदी का असर तेल की मांग पर भी पड़ेगा। दुनिया की अर्थव्यवस्था से जुड़ी तीन बड़ी संस्थाओं ने मौजूदा हालात पर चिंता जताई है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्रमुख क्रिस्टीन लगार्ड ने कहा था कि दुनिया की आर्थिक हालत एक खतरनाक जगह जा रही है। लगार्ड ने आईएमएफ़ की सालाना बैठक के दौरान कहा कि दुनिया के नेताओं को एकजुट होकर काम करना होगा क्योंकि समय निकल रहा है। उनसे पहले वर्ल्ड बैंक के चीफ रॉबर्ट ज़िलिक ने भी कहा था कि दुनिया की अथर्व्यवस्था खतरनाक जोन में है। इन दोनों से पहले अमेरिका के केन्द्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने भी कहा था कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था के सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं।