मुंबई: झारखंड सरकार ने बुधवार को कहा कि उसे अदाणी तथा वेदांता जैसी बड़ी कंपनियों से 62,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इन कंपनियों ने बिजली, उर्वरक, इस्पात और रसायन जैसे क्षेत्रों में रुचि दिखाई है।
झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास ने यहां 'मेक इन इंडिया' सप्ताह के दौरान संवाददाताओं से कहा, हमने तापीय बिजली संयंत्र तथा उर्वरक विनिर्माण इकाई लगाने के लिए अदाणी समूह के साथ 50,000 करोड़ रुपये के निवेश के लिए सहमति पत्र पर दस्तखत किए हैं।
रघुबर दास ने कहा, हमें वेदांता से 2,000 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव मिला है और इसके लिए हमने एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके अलावा हमें रसायन, आईटी, कपड़ा तथा निर्माण जैसे क्षेत्रों में कंपनियों से 10,000 करोड़ रुपये के निवेश के 11 आशय पत्र प्राप्त हुए हैं।
झारखंड सरकार ने गौतम अदाणी की अगुवाई वाले समूह के साथ 15,000 करोड़ रुपये का एक समझौता तापीय बिजली सयंत्र लगाने के लिए किया है। इसकी क्षमता 1,600 मेगावाट होगी। इस इकाई से उत्पादित बिजली बांग्लादेश ग्रिड को दी जाएगी।
बाकी 35,000 करोड़ रुपये निवेश कोयला आधारित मिथेन उर्वरक उत्पादन के लिए इकाई लगाने में किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में देश का 40 प्रतिशत खनिज है और यह एकमात्र राज्य है, जहां कोयला तथा लौह अयस्क दोनों के भंडार हैं।
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