लेंसकार्ट को भूकंप का ‘व्यापार’ करने के लिए मांगनी पड़ी माफी

प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली:

ई-रिटेल कंपनी लेंसकार्ट को शनिवार को नेपाल और भारत में आए विनाशकारी भूकंप को चश्मे का कारोबार बढ़ाने का जरिया बनाने लिए सोशल नेटवर्किंग साइटों पर लोगों की भारी आलोचना झेलनी पड़ी।

आखिरकार कंपनी को विन्सेंट चेज धूप के चश्मे (सनग्लास) की बिक्री पर छूट का प्रचार अभियान बंद करना पड़ा और इसे ‘भूल’ बता कर खेद प्रकट करना पड़ा।

कंपनी ने छूट के लिए ग्राहकों से एक मैसेज 50 लोगों को भेज कर 3000 रुपए का चश्मा 500 रुपए में हासिल करने की पेशकश की थी। इसमें अंग्रेजी का जुमला ‘शेक इट ऑफ लाइक द अर्थक्वेक’ (भूकंप मचा दो) का इस्तेमाल किया था।

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कंपनी के इस विज्ञापन के बाद फेसबुक व ट्विटर पर कंपनी की जोरदार आलोचनाओं का सिलसिला चल पड़ा। बाद में कंपनी ने एक और एसएमएस भेजकर गलती से किए गए शब्दों के चयन पर माफी मांगी। नए संदेश में कहा गया, 'हम गलती से किए गए एसएमएस के शब्दों के चयन पर माफी मांगते हैं। हमारा इरादा किसी की भावना को आहत करना नहीं था।'