बिजली मंत्रालय ने तीन जून, 2022 को लेट पेमेंट सरचार्ज नियम (Late Payment Surcharge Rules) लागू किया था.
नई दिल्ली: विलंब भुगतान अधिभार नियम (Late Payment Surcharge Rules) के आने से वितरण कंपनियों यानी डिस्कॉम (Discom) द्वारा स्वतंत्र बिजली उत्पादकों के भुगतान में तेजी आई है. क्रेडिट रेटिंग एंड रिसर्च एजेंसी इंडिया रेटिंग्स ने एक रिपोर्ट में यह बात कही है. रिपोर्ट में कहा गया है कि बिजली मंत्रालय के तीन जून, 2022 को जारी विलंब भुगतान अधिभार नियम या लेट पेमेंट सरचार्ज (Late Payment Surcharge) से राज्य बिजली वितरण कंपनियों में अनुशासन आया है. इसके साथ ही वह थर्मल और रिन्यूएबल (Thermal and Renewable Energy) का प्रोडक्शन कर रहे स्वतंत्र बिजली उत्पादकों (Independent Power Producers) यानी आईपीपी (IPP) को समय पर भुगतान करने के लिए प्रेरित हुए हैं.
रिपोर्ट के अनुसार, ज्यादातर राज्यों के मामले में वितरण कंपनियों (Discom) के ऊपर बकाये में कमी आई है. तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में 22 अक्टूबर की स्थिति के अनुसार बकाया प्राप्तियां 30 से 90 दिनों में प्राप्त हो रही हैं, जो मई, 2022 में 120 से 450 दिनों तक थी. इसके अलावा महाराष्ट्र, तमिलनाडु और कर्नाटक में भी स्थिति सुधर रही है.
यह योजना वितरण कंपनियों को इंटर-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम (Interstate Transmission System) के माध्यम से बिजली की आपूर्ति के लिए शॉर्ट और फिर मीडियम या लॉन्ग-टर्म में पहुंच खोने के जोखिम को देखते हुए समय पर भुगतान के लिये प्रोत्साहित करती है और उनमें अनुशासन लाती है.
एजेंसी ने कहा कि बकाये में कमी के साथ आईपीपी के लिये केंद्रीय बिजली उपक्रमों के साथ भुगतान सुरक्षा को लेकर समान अवसर मिलेगा. इसके साथ ही दबाव वाली परियोजनाओं में नकदी का दबाव कम होगा.