कुमार मंगलम बिड़ला का फाइल फोटो
नई दिल्ली:
कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले में सीबीआई की एफआईआर में नाम आने के बाद पहली बार हिंडाल्को के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। बिड़ला ने कहा कि हिंडाल्को ने कुछ भी गलत काम नहीं किया है और वह इस वजह से समूह के बैंकिंग आवेदन को लेकर चिंतित नहीं हैं।
बिड़ला ने नॉर्थ ब्लॉक में वित्त मंत्री पी चिदंबरम तथा राजस्व सचिव सुमित बोस के साथ मुलाकात के बाद पहली बार इस मामले में कुछ बोला है। उन्होंने कहा, ‘अभी तक मैं इसको लेकर चिंतित नहीं हूं। कुछ भी गलत नहीं किया है, इसलिए चिंता की क्या जरूरत है।’ संवाददाताओं ने उनसे पूछा था कि क्या इस एफआईआर से आदित्य बिड़ला समूह के बैंक आवेदन पर किसी तरह का असर पड़ेगा।
बिड़ला ने कहा कि उन्होंने मंत्री के साथ एफआईआर पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा, ‘मैंने वित्त मंत्री के साथ यह मुद्दा उठाया। कई और बातें भी थीं। काम चलता रहता है। हम कई अन्य उद्योग क्षेत्रों में भी हैं। उनके साथ विचार-विमर्श के लिए कई और चीजें भी थीं।’ सीबीआई ने आठ साल पहले कोयला ब्लॉक आवंटन में कथित अनियमितता के मामले में बिड़ला तथा पूर्व कोयला सचिव पीसी पारेख के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। उनके खिलाफ आपराधिक साजिश व भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं।
जांच एजेंसी की एफआईआर में कहा गया है कि 2005 में हिंडाल्को का कोयला ब्लाक के लिए आवेदन खारिज होने के बाद बिड़ला ने दो पत्र लिखे थे तथा वह व्यक्तिगत रूप से तत्कालीन कोयला सचिव पारेख से भी मिले थे। इसके बाद हिंडाल्को का आवेदन खारिज करने का फैसला पलट दिया गया और कंपनी को कोयला ब्लाक दे दिया गया।