यह ख़बर 05 दिसंबर, 2014 को प्रकाशित हुई थी

कर्नाटक : डॉक्टरों की मदद से लेकर फोन, बिजली बिल सब 'एम-वन' ऐप के जरिये

बेंगलुरु:

बेंगलुरु में 8 दिसंबर को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी बहुचर्चित एम-वन प्रोजेक्ट की शुरुआत करेंगे। स्मार्ट फोन्स के लिए यह एक खास ऐप है। दरअसल, कर्नाटक की तकरीबन 6 करोड़ की आबादी का 90 फीसदी हिस्सा मोबाइल का इस्तेमाल करता है। ऐसे में कर्नाटक सरकार को उम्मीद है की इस ऐप को लोग काफी पसंद करेंगे।

एम-वन के शरू होते ही चाहे आप बस में सफर कर रहे हों या शहर के किसी रेस्तरां में मजेदार खाने का लुत्फ उठा रहे हों, आप न सिर्फ अपने स्मार्ट फोन के जरिये 24 घंटे बिजली, पानी, फोन और म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन का टैक्स जमा कर पाएंगे, बल्कि इस ऐप के जरिये पासपोर्ट और एफआईआर का स्टेटस भी पता चलेगा।

सरकार के सभी विभागों के साथ-साथ निजी और सरकारी अस्पतालों को भी इस ऐप से जोड़ा गया है। सरकारी और गैर-सरकारी तकरीबन 4 हजार सेवाएं इस ऐप से जुडी हैं, जिनमें निजी कंपनियों की टूर एंड ट्रेवल, फोन, इटनेरनेट ओपरेटर्स और रेस्तरां भी शामिल हैं।

आगे चलकर गांव के लोगों को यह ऐप खाद और बीज के साथ-साथ बही खातों की जानकारी भी देगा। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, इन 4 हजार सेवाओं में से एक चौथाई ऐसी सेवाएं हैं, जिनके लिए इंटरनेट की जरूरत नहीं होगी, बल्कि सामान्य मोबाइल नेटवर्क की मदद से यह ऐप काम करेगा।

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उपभोक्ताओं के लेन-देन को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए एम-वन पोर्टल को केंद्र सरकार के पेमेंट गेटवे जोड़ा गया है। सूचना मंत्री रोशन बेग के मुताबिक़, सरकार की इस पहल से आम लोगों की जिंदगी बेहतर होगी, हालांकि बेंगलुरु और कर्नाटक के दूसरे कई शहरों में यूटिलिटी सर्विस के ऑनलाइन पेमेंट के लिए खास पोर्टल है, जैसे बेंगलुरु के लिए बैंगलोर-वन, लेकिन एम-वन सभी शहरों को जोड़ देगा। साथ-साथ आसानी से स्मार्ट फोन के जरिये इसका इस्तेमाल जल्द ही कर्नाटक में मोबाइल फोन यूजर्स के लोकप्रिय हो जाएगा, ऐसा सरकार का मानना है।