खास बातें
- सरकार को उम्मीद है कि आने वाले महीनों में ब्याज दरें घटेंगी क्योंकि उन्हें लगता है कि मुद्रास्फीति में नरमी को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक अपनी नीति में बदलाव करेगा।
नई दिल्ली: सरकार को उम्मीद है कि आने वाले महीनों में ब्याज दरें घटेंगी क्योंकि उन्हें लगता है कि मुद्रास्फीति में नरमी को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक अपनी नीति में बदलाव करेगा।
मुखर्जी ने उद्योग जगत के साथ बजट बाद की बैठक में कहा, वास्तव में मुख्य मुद्रास्फीति में बीते तीन महीने में नरमी आई है और नीतिगत दरों के मामले में रिजर्व बेंक की नीति में बदलाव से आने वाले दिनों में धारणा में सुधार लाने में मदद मिलेगी। भारतीय रिजर्व बैंक ने मुद्रास्फीति से लड़ने के अपने प्रयासों के तहत अक्तूबर 2010 से सितंबर 2011 के दौरान अल्पकालिक उधारी दर (रेपो) में 13 बार वृद्धि की है। इस दौरान रेपो दर में कुल मिलाकर 3.75 प्रतिशत वृद्धि हुई।
मुखर्जी ने अपने बजट भाषण में कहा था कि मुख्य मुद्रास्फीति साल के अधिकांश महीनों में ऊंची रही और केवल दिसंबर 2011 में यह घटकर 8.3 प्रतिशत रह गई। जनवरी 2012 में यह घटकर 6.6 प्रतिशत रह गई।