यह ख़बर 15 फ़रवरी, 2011 को प्रकाशित हुई थी

प्रोविडेंट फंड पर ब्याज दर 9.5 करने की सिफारिश

खास बातें

  • प्रोविडेंट फंड बोर्ड ने ईपीएफ की ब्याज़ दर एक फीसदी बढ़ाकर 9.5 फीसदी करने की सिफारिश की है। 2010−11 के लिए इस ब्याज़ दर की सिफारिश की गई है।
New Delhi:

सरकारी और गैर सरकारी कर्मचारियों के लिए अच्छी ख़बर है। प्रोविडेंट फंड बोर्ड ने ईपीएफ की ब्याज़ दर एक फीसदी बढ़ाकर 9.5 फीसदी करने की सिफारिश की है। हालांकि ये सिफारिश तभी लागू होगा जब वित्त मंत्रालय इसे हरी झंडी दिखा दे। 2010−11 के लिए इस ब्याज़ दर की सिफारिश की गई है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज़ ने प्रोविडेंट फंड पर 2005−06 में साढ़े नौ फ़ीसदी ब्याज़ दर कर दी गई थी जिससे करीब 4.71 करोड़ कर्मचारियों को फ़ायदा पहुंचा था। ट्रस्ट्रीज़ ने इंटरेस्ट सस्पेंस एकाउंट में 1731.57 करोड़ रुपये ज्यादा होने की सूरत में ये कदम उठाया था। हालांकि उस वक्त वित्त मंत्रालय ने ब्याज़ दर बढ़ाने को लेकर सवाल उठाया था। मंत्रालय ने सरप्लस पैसे को लेकर भी सवाल उठाए थे। मंत्रालय ने कहा कि रकम ज्यादा इसलिए दिख रही है क्योंकि सभी कर्मचारियों का एकाउंट अपडेट नहीं किया गया है। वित्त मंत्रालय की राय के ख़िलाफ श्रम मंत्रालय ने 2010−11 के लिए ब्याज़ दर साढ़े नौ फ़ीसदी करने को जायज़ ठहराने की कोशिश की है। श्रम मंत्रालय के मुताबिक 1731.57 करोड़ रुपये वास्तव में ज्यादा हैं। वित्त मंत्रालय ने साढ़े आठ फीसदी ब्याज दर पर ही टैक्स में छूट की बात कही थी। अब जब तक वित्त मंत्रालय की साढ़े नौ फीसदी ब्याज दर पर टैक्स में छूट की अनुमति नहीं मिलती है तबतक मामला अटका रहेगा।


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