यह ख़बर 23 अप्रैल, 2012 को प्रकाशित हुई थी

अमेरिका में इंफोसिस के खिलाफ जांच

खास बातें

  • कंपनी के कुछ कर्मचारियों की पहचान जांच में कुछ विसंगतियां पाए जाने के बाद अमेरिका का आंतरिक सुरक्षा विभाग उसके नियोक्ता क्षमता की समीक्षा कर रहा है।
नई दिल्ली:

अमेरिकी वीजा नियमों के कथित उल्लंघन को लेकर पहले से कानूनी लड़ाई में उलझी इंफोसिस की समस्या बढ़ गई है। कंपनी के कुछ कर्मचारियों की पहचान जांच में कुछ विसंगतियां पाए जाने के बाद अमेरिका का आंतरिक सुरक्षा विभाग (डीएचएस) उसके नियोक्ता क्षमता की समीक्षा कर रहा है।

प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग को दी गई सूचना में इंफोसिस ने कहा कि डीएचएस कंपनी की नियोक्ता योग्यता जांच की समीक्षा कर रहा है। देश में कार्यरत कंपनी के कुछ कर्मचारियों के फॉर्म 1-9 में त्रुटी पाए जाने के बाद यह जांच शुरू की गई है। फॉर्म 1-9 का उपयोग नियोक्ता कर्मचारी की पहचान तथा कर्मचारी की अमेरिका में रोजगार स्वीकार करने की योग्यता जांचने में करते हैं। प्रत्येक कर्मचारी को नियुक्ति के समय इस फॉर्म को भरना होता है।

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इंफोसिस ने कहा, ‘‘डीएचएस ने यह निष्कर्ष निकाला है कि हमारे फॉर्म 1-9 में विसंगतियां हैं, विभाग हम पर जुर्माना लगा सकता है।’’ प्रत्येक फॉर्म में त्रुटी के लिए कंपनी पर न्यूनतम 110 डॉलर तथा अधिकतम 1,100 डॉलर प्रति फॉर्म जुर्माना लग सकता है। इससे पहले, मई में इंफोसिस पर अमेरिका के एक कर्मचारी ने मुकदमा किया था। कर्मचारी जैक जे पालमर ने आरोप लगाया था कि इंफोसिस बी-1 बिजनेस वीजा का उल्लंघन कर रहा है।