खास बातें
- इंफोसिस को आयकर विभाग से वित्तवर्ष 2008-09 के लिए 582 करोड़ रुपये के कर का नोटिस मिला है, जिससे देश की दूसरी सबसे बड़ी इस आईटी कंपनी की परेशानी बढ़ गई है।
नई दिल्ली: आईटी कंपनी इंफोसिस को आयकर विभाग से वित्तवर्ष 2008-09 के लिए 10.6 करोड़ डॉलर (582 करोड़ रुपये) के कर का एक नोटिस और मिल गया है, जिससे देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी की परेशानी बढ़ गई है।
आयकर विभाग ने बेंगलुरु की इस साफ्टवेयर सेवा निर्यातक कंपनी को 2005 से चार वित्तवर्षों के लिए 21.4 करोड़ डॉलर (1,175 करोड़ रुपये) का अतिरिक्त आयकर संबंधी भुगतान करने का नोटिस पहले ही भेज रखा हैं। कंपनी ने पहले वाले नोटिस के खिलाफ अपील कर रखी है। इंफोसिस ने कहा है कि वह नए नोटिस को भी कानूनी चुनौती देगी।
इंफोसिस ने अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनियम आयोग (एसईसी) को इसी सप्ताह भेजी सूचना में कहा है कि कंपनी को आयकर विभाग से 2008-09 के लिए नया आकलन संबंधी आदेश मिला है। इसमें कर के संबंध में 10.6 करोड़ डॉलर की मांग की गई है। इंफोसिस ने कहा कि कंपनी पूर्व के वर्षों के लिए पहले ही लड़ाई लड़ रही है और इस नए नोटिस पर अपीलीय प्राधिकरण के पास संबंधित कानून के तहत निर्धारित समयसीमा में अपील की जाएगी।
कंपनी को पहले ही आयकर कानून की धारा 10ए के तहत कटौती के एक हिस्से की अनुमति न मिलने के मामले में वित्तवर्ष 2004-05 से 2007-08 के लिए 21.4 करोड़ डॉलर का कर नोटिस मिल चुका है।