यह ख़बर 17 नवंबर, 2011 को प्रकाशित हुई थी

खाद्य मुद्रास्फीति घटकर 10.63 प्रतिशत पर

खास बातें

  • खाद्य मुद्रास्फीति 5 नवंबर को समाप्त सप्ताह में घटकर 10.63 प्रतिशत पर आ गई है। पिछले हफ्ते में यह 11.81 प्रतिशत पर थी।
New Delhi:

खाद्य मुद्रास्फीति 5 नवंबर को समाप्त सप्ताह में घटकर 10.63 प्रतिशत पर आ गई है। हालांकि सालाना आधार पर प्याज और गेहूं को छोड़कर अन्य कृषि जिंसों के दाम ऊंचाई पर बने हुए हैं। थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित खाद्य मुद्रास्फीति इससे पिछले सप्ताह 11.81 प्रतिशत पर थी। पिछले साल इसी अवधि में खाद्य मुद्रास्फीति 11.41 फीसद पर थी। आज जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सालाना आधार पर प्याज 22.89 प्रतिशत सस्ता हुआ, वहीं गेहूं की कीमतों में 3.63 प्रतिशत की कमी आई। समीक्षाधीन सप्ताह अन्य सभी खाद्य वस्तुओं के दाम ऊंचे थे। जहां सब्जियों के दाम 27.26 प्रतिशत अधिक थे, वहीं दालें 14.44 प्रतिशत, दूध 10.74 प्रतिशत, अंडा, मांस और मछली 11.73 फीसद महंगे थे। सालाना आधार पर फलों के दाम भी 5.99 प्रतिशत अधिक थे। मोटा अनाज 3.53 फीसद ऊंचा था। प्राथमिक उत्पादों की श्रेणी की मुद्रास्फीति 5 नवंबर को समाप्त सप्ताह में 10.39 प्रतिशत पर थी, जो इससे पिछले सप्ताह 11.43 फीसद पर थी। थोक मूल्य सूचकांक में प्राथमिक उत्पादों का भारांश 20 प्रतिशत का है। गैर खाद्य उत्पादों की महंगाई समीक्षाधीन सप्ताह में 5.33 प्रतिशत पर थी। 29 अक्तूबर को समाप्त सप्ताह में यह 6.41 प्रतिशत पर थी। इसमें फाइबर, तिलहन और खनिज आते हैं। जारी ईंधन और बिजली की मुद्रास्फीति 15.49 प्रतिशत पर थी। इससे पिछले सप्ताह यह 14.50 फीसद के स्तर पर थी। खाद्य वस्तुओं की कीमतों में निरंतर तेजी से सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक पर इससे निपटने के उपाय करने का दबाव बढ़ेगा। बढ़ती महंगाई से चिंतित सरकार ने कल कहा था कि वह आपूर्ति में आ रही दिक्कतों को दूर करने का प्रयास कर रही है और दिसंबर से कीमतें नीचे आना शुरू होंगी। वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा, हम आपूर्ति पक्ष की दिक्कतों को दूर करने का प्रयास कर रहे हैं। दिसंबर से महंगाई का दबाव कम होना शुरू हो जाएगा। कुल मुद्रास्फीति दिसंबर, 2010 से 9 प्रतिशत से ऊपर चल रही है। इस साल सितंबर में यह 9.73 फीसद के स्तर पर थी। रिजर्व बैंक मार्च, 2010 से महंगाई पर अंकुश के लिए ब्याज दर में 13 बार बढ़ोतरी कर चुका है। पिछले महीने मौद्रिक नीति की दूसरी तिमाही समीक्षा में केंद्रीय बैंक ने कहा था कि दिसंबर तक महंगाई उपरी स्तर पर बनी रहेगी। मार्च, 2012 में यह घटकर 7 प्रतिशत पर आ जाएगी।


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