खास बातें
- एक आर्थिक विश्लेषण संस्था ने कहा है कि रुपया में गिरावट जारी रहने से वित्त वर्ष 2012-13 के लिए मुद्रास्फीति बढ़कर 7.3 प्रतिशत पहुंच जाएगी जिससे ब्याज दरों में निकट भविष्य में कटौती किए जाने की गुंजाइश नहीं है।
मुंबई: एक आर्थिक विश्लेषण संस्था ने कहा है कि रुपया में गिरावट जारी रहने से वित्त वर्ष 2012-13 के लिए मुद्रास्फीति बढ़कर 7.3 प्रतिशत पहुंच जाएगी जिससे ब्याज दरों में निकट भविष्य में कटौती किए जाने की गुंजाइश नहीं है।
सेंटर फार मानिटरिंग इंडियन इकोनामी (सीएमआईई) ने चालू वित्त वर्ष के लिए मुद्रास्फीति का लक्ष्य 6.7 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.3 प्रतिशत कर दिया है।
सीएमआईई ने कहा, ‘रुपया में कमजोरी से सकल मुद्रास्फीति बढ़कर 7.3 प्रतिशत पर पहुंचने की संभावना है। इससे ब्याज दरों में कमी किए जाने के आसार नहीं दिखते।’