खास बातें
- रोजमर्रा के इस्तेमाल की वस्तुओं के दाम ऊंचे रहने से फरवरी में सकल मुद्रास्फीति एक महीने पहले की तुलना में बढ़कर 8.31 प्रतिशत हुई।
नई दिल्ली: दूध, तेल, सब्जी और ईंधन जैसी रोजमर्रा के इस्तेमाल की वस्तुओं के दाम ऊंचे रहने से फरवरी में सकल मुद्रास्फीति एक महीने पहले की तुलना में 0.08 प्रतिशत अंक बढकर 8.31 प्रतिशत पर पहुंच गई। इससे मुद्रास्फीति में गिरावट आने के विशेषज्ञों के अनुमान गड़बड़ाते दिखने लगे हैं। सरकार ने हालांकि, मार्च अंत तक मुद्रास्फीति के सात प्रतिशत रहने का अनुमान व्यक्त किया है लेकिन फरवरी में इसमें आई मजबूती के बाद मार्च तक इसके अनुमानित स्तर तक नीचे आने की उम्मीदों पर शंका खड़ी होने लगी है। फरवरी में मुद्रास्फीति में नरमी के बजाय मजबूती आने से रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में वृद्धि की संभावना बढ़ गई है। केंद्रीय बैंक इस सप्ताह मौद्रिक नीति की मध्य तिमाही समीक्षा पेश करने वाला है। जनवरी माह में मुद्रास्फीति 8. 23 फीसद रही थी। दूध, खाद्य तेल, सब्जी और फलों के दाम बढ़ने से मुद्रास्फीति बढ़ी है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढने से भी मुद्रास्फीति को बढावा मिला है। थोक मूल्य सूचकांक आंकड़ों के मुताबिक सालाना आधार पर खाद्य, गैर-खाद्य वस्तुओं और खनिज जैसे प्राथमिक वस्तुओं की कीमत 14.79 फीसद चढ़ी। हालांकि कुछ निश्चित खाद्य वस्तुओं की कीमत में सालाना आधार पर कमी दर्ज की गयी है। गेहूं 1.67 फीसद, दाल दलहन 5.10 फीसद तथा आलू के भाव 11.28 फीसद घटे।