यह ख़बर 13 सितंबर, 2011 को प्रकाशित हुई थी

'अगली तिमाही में रोजगार वृद्धि की दर कम'

खास बातें

  • तीसरी तिमाही में देश में रोजगार वृद्धि की दर सुस्त रहेगी, लेकिन भारत उन देशों की सूची में शामिल है जहां रोजगार की सम्भावना सबसे अधिक है।
नई दिल्ली:

एक सर्वेक्षण के मुताबिक मौजूदा कारोबारी साल की तीसरी तिमाही में देश में रोजगार वृद्धि की दर सुस्त रहेगी, लेकिन भारत उन देशों की सूची में शामिल है जहां रोजगार की सम्भावना सबसे अधिक है। 'मैनपावर इंम्प्लायमेंट आउटलुक सर्वे' के मुताबिक उद्यमियों के विश्वास में कमी के कारण तीसरी तिमाही में रोजगार वृद्धि की दर कम रहेगी। सर्वेक्षण में देश के 5,118 रोजगार दाताओं की राय जुटाई गई है। सर्वेक्षण में कहा गया, "फिर भी पूरी तिमाही के लिए रोजगार वृद्धि की औसत सम्भावना 30 फीसदी है, जो 41 देशों में सर्वाधिक रोजगार वृद्धि की सम्भावना वाले देशों में से एक है।" सेवा क्षेत्र में सर्वाधिक 37 फीसदी कारोबारियों ने आलोच्य अवधि में नियुक्ति देने की सम्भावना जताई। यह हालांकि पहली तिमाही और पिछले कारोबारी साल की तीसरी तिमाही की तुलना में कम है। विनिर्माण क्षेत्र में 32 फीसदी कारोबारियों ने पिछली तिमाही की तुलना में 12 फीसदी कम नियुक्ति की सम्भावना जताई। परिवहन और उपभोक्ता सेवा क्षेत्र में 31 फीसदी कारोबारियों ने नियुक्ति में मामूली वृद्धि की सम्भावन जताई। सर्वेक्षण करने वाली कम्पनी मैनपावर इंडिया  के प्रबंध निदेशक संजय पंडित ने कहा, "वैश्विक अनिश्चितता के कारण भारत के कारोबारी देखो और इंतजार करो की नीति अपना रहे हैं। शायद इसी वजह से वे पिछले कारोबारी साल की चौथी तिमाही में बताई गई योजना के अनुसार नियुक्ति नहीं कर रहे हैं।" पंडित ने कहा कि तीसरी तिमाही में देश में हर चार में से तीन कारोबारी नियुक्ति की सम्भावना को लेकर आशावान नहीं है। पिछली तिमाहियों की तुलना में यह स्थिति अच्छी नहीं है। सर्वेक्षण 41 देशों में किया गया, जिसमें 36 देशों में नियुक्ति की सम्भावना सकारात्मक है। सर्वाधिक नियुक्ति की सम्भावना वाले देशों में हैं ब्राजील, ताइवान, भारत, सिंगापुर, पनामा, न्यूजीलैंड, कोलम्बिया और हांगकांग, जबकि सबसे कम सम्भावना वाले देशों में हैं ग्रीस, इटली, स्लोवेनिया और स्पेन।


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