खास बातें
- जनवरी 2012 में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में 6.8 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। यह वृद्धि मुख्य तौर पर विनिर्माण क्षेत्र में सुधार से आई है।
नई दिल्ली: देश के औद्योगिक उत्पादन में सुधार के संकेत हैं। जनवरी 2012 में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में 6.8 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। यह वृद्धि मुख्य तौर पर विनिर्माण क्षेत्र में सुधार से आई है।
औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में एक साल पहले जनवरी में 7.5 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई थी। हालांकि, अप्रैल से जनवरी 2010-11 के दस महीनों में औद्योगिक उत्पादन में कुल मिलाकर चार प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई, जबकि इससे पिछले वर्ष इसी अवधि में यह वृद्धि 8.3 प्रतिशत रही थी।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक जनवरी में विनिर्माण क्षेत्र की उत्पादन वृद्धि 8.5 फीसद रही, जो कि पिछले साल की इसी महीने में 8.1 फीसद रही थी। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में विनिर्माण क्षेत्र का योगदान 75 फीसदी होता है। उपभोक्ता सामानों के उत्पादन में जनवरी के दौरान 20.2 फीसद बढ़ोतरी हुई जो पिछले साल की समान अवधि में 8.3 फीसदी थी। गैर टिकाउ उपभोक्ता उत्पाद खंड के उत्पादन में भी सुधार के संकेत दिखे और समीक्षाधीन अवधि में इसमें 42.1 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई। हालांकि, पूंजीगत उत्पाद क्षेत्र में 1.5 फीसदी गिरावट दर्ज की गई जबकि पिछले साल जनवरी में इस क्षेत्र में 5.3 फीसदी वृद्धि हासिल की गई थी। खनन उत्पादन भी 2.7 फीसदी घटा जबकि पिछले साल इसी महीने इसमें 1.7 फीसदी बढ़ोतरी दर्ज की गई थी।
बिजली उत्पादन की वृद्धि दर अपेक्षाकृत कम हुई और जनवरी में इसमें 3.2 फीसदी वृद्धि रही जबकि पिछले साल जनवरी में इसमें 10.5 फीसद वृद्धि हुई थी। इस महीने 22 में से 13 उद्योग समूहों में वृद्धि दर्ज हुई। जनवरी में मूल उत्पादों का उत्पादन 1.6 फीसद बढ़ा जबकि पिछले साल इसमें 7.7 फीसद वृद्धि हुई थी। हालांकि, मध्यस्थ उत्पादों में उत्पादन में 3.2 फीसद की कमी आई जबकि पिछले साल जनवरी में इसमें 7.4 फीसद की बढ़ोतरी हुई थी।