यह ख़बर 14 नवंबर, 2011 को प्रकाशित हुई थी

द्विपक्षीय व्यापार पर 'यकीन' करे भारत : पाक

खास बातें

  • पाकिस्तान ने कहा कि अब समय बदल गया है और वह भारत के साथ द्वपक्षीय व्यापार संबंध पूरी तरह सामान्य करना चाहता है।
नई दिल्ली:

पाकिस्तान ने भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार को लेकर जगी नई उम्मीदों के बीच भारतीय पक्ष से उस पर यकीन करने की अपील की है। पाकिस्तान ने कहा कि अब समय बदल गया है और वह भारत के साथ द्वपक्षीय व्यापार संबंध पूरी तरह सामान्य करना चाहता है। जवाब में भारत ने कहा कि वह पाकिस्तान के साथ अपनी बात पूरा करने की स्पष्ट राजनीतिक इच्छा शक्ति रखता है। उल्लेखनीय है कि भारत को व्यापार में सार्वधिक तरजीही देश (एमएफएन) का दर्जा देने के पाकिस्तान के मंत्रिमंडल के हाल के निर्णय से दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध को नई उम्मीदें जगी हैं और दोनों देशों के बीच विणिज्य सचिव स्तर की दो दिन की बातचीत शुरू हुई। बातचीत में भाग लेने आए पाकिस्तान के वाणिज्य सचिव जफर महमूद ने अपनी शुरुआती टिप्पणियों में कहा, मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि कृपया इस प्रक्रिया में भरोसा रखें। हालात बदल गए हैं। दुनिया करीब आ रही है। पिछले छह महीने में भारतीय वाणिज्य सचिव के साथ दूसरी बार बात कर रहे महमूद ने कहा कि वे यह बातचीत बातचीत आपसी सहयोग और विश्वास की भावना के साथ करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की जनता और व्यापरियों के अलावा राजनैतिक नेतृत्व भी द्विपक्षीय कारोबार को सामान्य करना चाहता है। भारतीय वाणिज्य सचिव राहुल खुल्लर ने भारत को सबसे तरजीही देश का दर्जा दिए जाने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा, इस वार्ता से बड़ी उम्मीदें हैं क्योंकि भारत में व्यापारी समुदाय और राजनीतिज्ञ समेत सभी लोग संबंधों को आगे बढ़ना और आपस में वरीयता के आधार पर व्यापार की बुनियाद रखना चाहते हैं। भारत ने पाकिस्तान को 1996 में ही सबसे तरजीही देश का दर्जा दिया था। पाकिस्तान ने दो नवंबर को दिल्ली के लिए विश्व व्यापार संगठन के प्रावधानों के अनुरूप दो नवंबर को भारत को यह दर्जा देने की घोषणा की। लेकिन उसे बाद कुछ भ्रामक बातें भी उभरी। फिलहाल वहां भारत से सिर्फ 1900 प्रकार की चीजों का आयात किया जा सकता है।


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