नई दिल्ली: भारत अपनी डिजिटल बदलाव की कहानी को बाकी दुनिया तक पहुंचाने के लिए जी20 का इस्तेमाल करेगा. भारत के जी20 शेरपा अमिताभ कांत ने मंगलवार को यह बात कही. उन्होंने यहां कहा कि इस पहल से ‘वैश्विक दक्षिण' में लोगों के जीवन में बदलाव आएगा. अखिल भारतीय प्रबंध संघ (एआईएमए) के 8वें राष्ट्रीय नेतृत्व सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि विश्व स्तर पर चार अरब लोग ऐसे हैं, जिनके पास डिजिटल पहचान नहीं है और ढाई अरब लोगों के पास बैंक खाता भी नहीं है. उन्होंने कहा कि दुनिया में 133 देश ऐसे हैं, जहां डिजिटल तेज भुगतान नहीं है.
कांत ने कहा कि डिजिटलीकरण के कारण भारत नागरिकों के जीवन को बदलने और अधिक उत्पादक रूप से कुशल अर्थव्यवस्था बनने में सक्षम है.
उन्होंने कहा, ‘‘... हम भारत के इस मॉडल को दुनिया के बाकी हिस्सों में कैसे ले जाते हैं, यह चुनौती है और इस डिजिटल बदलाव की कहानी को दुनिया के बाकी हिस्सों तक पहुंचाने के लिए जी20 का इस्तेमाल करेंगे और देखेंगे कि इस मौके का कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं.''
नीति आयोग के पूर्व मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) ने कहा, ‘‘वैश्विक दक्षिण में नागरिकों के जीवन को बदलने के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण है.'' आमतौर पर लातिनी अमेरिका, एशिया, अफ्रीका और ओशनिया क्षेत्र को ‘वैश्विक दक्षिण' कहा जाता है.
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